देवरिया। छुट्टी पर गए सर्जन के ड्यूटी पर आने की गलतफहमी गुरुवार रात भारी पड़ गई। आंखों के ऑपरेशन में देरी होने से नाराज लोगों ने जिला अस्पताल के नेत्र विभाग के ऑपरेशन थियेटर के सामने हंगामा किया। इस दौरान तोड़फोड़ भी की गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस के पहुंचने से पहले हंगामा कर रहे लोग भाग गए। राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत जिला अस्पताल में गुरुवार मोतिया बिंद के मरीजों का आपरेशन किया जाता है। इसके लिए सरकारी अस्पतालों के नेत्र सर्जन के ड्यूटी बारी-बारी से लगाई जाती है।
गुरुवार को जिला अस्पताल में आपरेशन के लिए कई मरीज भर्ती हुए थे। रोस्टर के मुताबिक डॉ. आजम की ड्यूटी थी। लेकिन वह शुक्रवार तक छुट्टी पर थे। उनकी अनुपस्थिति में डॉ. संजीव ड्यूटी की ड्यूटी लगाई गई। दोपहर से लेकर देर रात तक मरीजों ने आपरेशन होने का इंतजार किया।
रात दस बजे तक डॉक्टर के न आने पर लोग भड़क गए। लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान नशे में धुत एक व्यक्ति ने तोड़फोड़ शुरू कर दी। उसने आपरेशन थियेटर के गेट का शीशा तोड़ दिया। तोड़फोड़ की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। इसके पहले ही लोग भाग गए।
वहीं बवाल के बाद पहुंचे डॉ. संजीव सिंह ने मरीजों का ऑपरेशन किया। स्टाफ नर्स ने बताया कि डॉ. आजम से उसकी फोन पर बात हुई थी। ट्रेन में होने के चलते आवाज साफ सुनाई नहीं दी। मैंने समझा कि डॉक्टर गुरुवार की शाम को आएंगे, जबकि उनको शुक्रवार को आना था।
इसके चलते गलतफहमी पैदा हो गई। उसने डॉ. संजीव सिंह से डॉ. आजम के आने की बात कह दी। इस बाबत प्रभारी सीएमएस ने बताया कि रात में लोगों ने तोड़फोड़ की है। पुलिस को सूचना दे दी गई है।