देवरिया। शहर के सबसे व्यस्ततम मार्ग जलकल रोड के बन जाने से लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत हो रही है। विगत एक पखवारे पहले तक इस मार्ग पर नाला व उसके ऊपर बने पथवे निर्माण के दौरान नाले से निकाली गई मिट्टी, टूटी ईंट, बालू व गिट्टियों के मलबा के चलते काफी परेशानी होती थी। सड़क काफी संकरी हो गई थी। एक चारपहिया निकलने के समय जाम की स्थिति बन पड़ती थी। यह देख नगर पालिका ने सड़क के किनारे से मलबा हटवाया, इसके बाद आवागमन के लिए सुचारु रुप से बहाल हो गया। मलबा हटने के बाद सड़क काफी चौड़ी हो गई। शहरवासी आराम से फर्राटे भरते नजर आ रहे हैं।
नगर पालिका ने जलकल चौराहे से कोतवाली रोड तक 39.97 लाख रुपये से आरसीसी नाले का निर्माण शुरू कराया। नाले का निर्माण कराने के क्रम में उसके ऊपर पथवे का भी निर्माण कराने लगा। शहर के सबसे व्यस्ततम मार्ग पर आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो यह देख नगर पालिका ने पथवे का निर्माण शुरू करा दिया। नाला निर्माण के दौरान उसमें से निकले मिट्टी, टूटी ईंट आदि को सड़क के किनारे रख दिया गया। पथवे निर्माण का कार्य पूरा कर दिया गया। किनारे-किनारे लोहे का एंगल भी लगा दिया गया, लेकिन अभी तक उस पर सुचारु रुप से आवागमन बहाल नहीं हो सका है। इधर सड़क के किनारे मलबा गिरने से लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी होने लगी। लोग कुछ दिन पहले का मंजर याद आने लगा जब इस मार्ग पर फूल मंडी हुआ करती थी। वाहन चालक वाहन लेकर रेंगते नजर आते थे। इसके बाद नगर पालिका के ईओ संजय कुमार तिवारी ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने नगर पालिका के कर्मियों से पहले मलबा को हटवाया। इसके बाद नाला निर्माण के दौरान जगह-जगह टूटी सड़क का मरम्मत करा कर आवागमन के लिए बहाल करवाया। अब यह सड़क काफी चौड़ी प्रतीत होती है। वाहन चालक आराम से फर्राटे भरते नजर आते हैं। दो चारपहिया वाहन के एक साथ गुजरने के बाद वाहन चालक आराम से निकल जाते हैं।
हर समय लगता था जाम : नाला निर्माण से पहले नाले के ऊपर फूल विक्रेता अपनी गुमटी आदि रख कर फूल बेचने का धंधा करते थे। त्योहार व लग्न के मौसम में इस मार्ग पर भीड़ लगने से हर समय जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती थी।