रुद्रपुर। मातृ एवं शिशु मृत्यु समीक्षा (डेथ ऑडिट) के दौरान जमीनी स्तर पर फरीदपुर की आशा कार्यकर्ता सुनीता मौर्य की लापरवाही सामने आई है। जांच में सामने आया है कि आशा कार्यकर्ता ही मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर प्रसूता को निजी अस्पताल ले गई थी। वहां प्रसव के एक दिन बाद प्रसूता की मौत हो गई
मामले की जांच के लिए सीएचसी अधीक्षक डॉ. बीवी सिंह शनिवार को फरीदपुर गांव पहुंचे। मृतका सबिता देवी के पति धर्मपाल राजभर ने बताया कि प्रसव के लिए सबसे पहले उसे लेकर सीएचसी रुद्रपुर पहुंचे। वहां के डॉक्टर ने बताया की ऑपरेशन होगा। वहां से पत्नी को मेडिकल कॉलेज देवरिया रेफर कर दिया गया।
साथ में गांव की आशा कार्यकर्ता सुनीता मौर्य भी गई थी। आशा कार्यकर्ता उसकी पत्नी को मेडिकल कॉलेज न ले जाकर एक प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर चली गई। वहां ऑपरेशन से 16 जून को लड़का पैदा हुआ। प्रसव के अगले दिन पत्नी की हॉस्पिटल में ही इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।
डेथ आडिट के दौरान आशा कार्यकर्ता की प्राइवेट हॉस्पिटल से संलिप्तता पाई गई है। सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि आशा कार्यकर्ता की लापरवाही और सेवा शर्तों का उल्लंघन करने की पुष्टि होने पर अब उसे हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।