-नवजात जिंदा या मुर्दा फेंका गया इसका खुलासा पोस्टमार्टम में होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी, देवरिया। बनकटा थाना क्षेत्र के बंजरिया गांव के सरकारी ट्यूबवेल के पास रविवार को एक नवजात बालिका का शव मिला, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने नवजात के शव को कब्जे में ले लिया। नवजात जिंदा या मुर्दा फेंकी गई इसका राज पोस्टमार्टम में खुलेगा।
बंजरिया गांव की एक महिला घास काटने के लिए ट्यूबवेल के पास गई थी। महिला जाली से घेराबंदी किए खेत के पास पहुंची तो खेत में फेंके गए नवजात का शव देख कर शोर करने लगी। जिस पर वहां लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस को सूचना दिए। मौके पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में ले ली। वहीं लोगों में तरह-तरह के चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। बनकटा थानाध्यक्ष ने बताया कि नवजात का शव मिला है। जिसको पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
इन धाराओं में दर्ज करना चाहिए केस, सजा का भी प्रावधान
- धारा 318 आईपीसी : नवजात को गोपनीय तरीके से जीवित अथवा मृत फेंकना जुर्म है।
सजा : दो साल की कैद, जुर्माना या फिर दोनों।
धारा 315 आईपीसी : शिशु को जीवित पैदा होने से रोकने या जन्म के बाद मृत्यु कारित करना।
सजा : दस वर्ष तक कारावास और अर्थदंड
धारा 317 आईपीसी : माता-पिता या नवजात की देखरेख करने वाले व्यक्ति द्वारा 12 वर्ष से कम आयु के बच्चे का परित्याग करना अपराध है।
सजा : सात साल की कैद या फिर जुर्माना या फिर दोनों
पिछले साल जिले में दर्ज हुआ था एफआईआर
देवरिया। नवजात के शव मिलने का कई बार मामला प्रकाश में आ चुका है। पर महज एक बार पुलिस केस दर्ज की है। 22 जनवरी 2022 को बघौचघाट थाना के पचरुखिया मार्ग पर नवजात का शव मिला था। इस मामले पुलिस ने केस दर्ज किया था। कुछ अस्पताल कर्मचारियों से भी पुलिस ने पूछताछ किया, लेकिन पहचान नहीं हो सकी थी। इतना जरूर है कि तहरीर न मिलने का बहाना बना कर पुलिस केस दर्ज नहीं करती है। केवल पोस्टमार्टम तक कार्रवाई सिमट कर रह जाती है। इसके कारण नवजात को मारने वालों की पहचान नहीं हो पाती है।