महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में पानी की टंकी में सोमवार की शाम एक पुरुष की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि मरीजों ने पानी से बदबू आने की शिकायत सुबह ही कर्मचारियों से की लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। शाम को शिकायत मेडिकल कॉलेज प्रशासन तक पहुंची तो जांच शुरू हुई। सर्जिकल वार्ड की पांचवीं मंजिल पर बनी करीब आठ फुट ऊंची टंकी का ढक्कन हटाया गया तो एक पुरुष की लाश पड़ी दिखी। पुलिस टीम मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक मेडिकल कॉलेज के सर्जिकल वार्ड में पानी में बदबू आने की शिकायत पर पानी की सप्लाई की लाइन की जांच शुरू की गई। कुछ पता नहीं चलने पर कर्मचारी पांचवीं मंजिल पर स्थित पानी की टंकी के पास पहुंचे तो तेज बदबू आने लगी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम के मौके पर पहुंचने के बाद ढक्कन हटवाया गया तो टंकी में लाश पड़ी मिली। टंकी में शव मिलने की बात सामने आते ही मेडिकल कॉलेज परिसर में सनसनी फैल गई। मरीजों और उनके तीमारदारों ने पानी को छूने से इन्कार कर दिया और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की।
कोतवाली पुलिस, क्राइम ब्रांच और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। टंकी के ऊपर का ढक्कन पूरी तरह हटवाया गया और पानी कम कराकर शव निकलवाने का प्रयास किया गया लेकिन शव पुराना होने से क्षत-विक्षत होने लगा। देर शाम तक टंकी तोड़कर शव निकलवाने का प्रयास जारी था। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके से साक्ष्य जुटाए।
मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
पानी की टंकी में लाश मिलने से मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। पांचवीं मंजिल पर आठ फुट ऊंची टंकी में लाश कैसे पहुंची यह बड़ा सवाल है। वहीं मरीजों ने बताया कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से पेयजल के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। वार्ड में सौ से अधिक मरीज भर्ती हैं। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल ने कहा जैसे ही कर्मचारियों से सूचना मिली, पुलिस और फॉरेंसिक टीम को जानकारी दी गई। टंकी से पानी की आपूर्ति तत्काल बंद करा दी गई। मामले की जांच में पुलिस का पूरा सहयोग किया जा रहा है।
मरीज बोले- अस्पताल का प्रशासन लापरवाह
पानी की टंकी में शव मिलने के बाद अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों में खौफ के साथ आक्रोश भी है। मरीजों ने कहा कि यदि पानी की दुर्गंध की शिकायत पहले गंभीरता से ली जाती तो शायद यह भयावह स्थिति न बनती। रुद्रपुर से इलाज कराने आए रामदीन ने कहा कि वह पिछले तीन दिन से मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। पानी में बदबू पहले से थी, मगर किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब पता चला कि टंकी में शव पड़ा था, यह बहुत डराने वाली बात है।
मेडिकल कॉलेज परिसर को किया गया सैनिटाइज
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पानी की टंकी में लाश मिलने के बाद तत्काल वार्ड, ओपीडी, नर्सिंग हॉस्टल और प्रशासनिक भवनों में पानी की आपूर्ति रोक दी। जल निगम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने टंकी खाली कराकर पूरे परिसर को सैनिटाइज कराया। पानी के नमूने लखनऊ स्थित राज्य प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही पानी की नियमित सप्लाई बहाल की जाएगी।