भटनी थाने पर बेटी को लेकर फरियाद करने पहुंची फूलकली देवी
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बंद कमरे में मिला मजदूर का शव, पत्नी ने लगाया हत्या का आरोप
भटनी। मिश्रौली दीक्षित गांव में बृहस्पतिवार देर रात बंद कमरे में मजदूर का शव मिला। करीब 15 दिन बाद मायके से लौटी पत्नी ने दरवाजा खोला तो इसकी जानकारी हुई। उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पत्नी ने पट्टीदारों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस दो आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। शव काफी सड़ गया है पुलिस को अनुमान है कि मृतक की मौत करीब 15 दिन पूर्व हुई होगी।
भटनी थाना क्षेत्र के मिश्रौली दीक्षित निवासी अभिराम गोड़ उर्फ बीरन (46) दिहाड़ी मजदूर था। छठ पर्व के आसपास उसकी पत्नी फूलकली देवी अपनी एक वर्ष की बेटी पलक को लेकर मायके खुखुंदू थाना क्षेत्र के पड़री झिल्लीपार चली गई। जबकि दो बेटी आंचल (8) और काजल(6) पिता के साथ घर पर ही रुक गईं। बृहस्पतिवार शाम को फूलकली देवी ससुराल लौटी। रात करीब 11 बजे उसने 112 पुलिस को सूचना दी कि उसके पति अभिराम का शव बंद कमरे में पड़ा है। एसओ मयफोर्स पहुंच गए। शव को बाहर निकाला गया। शव से दुर्गंध आ रही थी। पत्नी ने पट्टीदारों पर हत्या का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को हिरासत में लेकर मामले की जांच कर रही है। पत्नी को भी पुलिस पूछताछ के लिए थाने ले गई है। अभिराम की छह संतानों में पांच लड़कियां व एक लड़का बताया जा रहा है। इस बाबत एसओ मुकेश कुमार मिश्र ने बताया कि बंद कमरे में मजदूर का शव मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
फूलकली पर आई चार बच्चों की जिम्मेदारी
भटनी। पति की मौत के बाद फूलकली पर बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी आ गई है। अभिराम की शादी 2003 में बिंदु के साथ हुई थी। उससे दो बेटियां शशिकला व पूजा हुईं। बाद में बिंदु की मौत हो गई। फूलकली की भी पहली शादी देवरिया में हुई थी। उससे एक बेटा प्रिंस है। बाद में फूलकली के पति की मौत हो गई। 2012 में रिश्तेदारों ने अभिराम व फूलकली की शादी करा दी। इससे तीन बेटियां आंचल, काजल व पलक र्हुइं। शशिकला की शादी महेन हुई है जबकि पूजा रिश्तेदार के घर रहती है। इसी तरह प्रिंस भी अपनी ननिहाल पड़री झिल्लीपार में रहता है। कभी-कभी वह घर आता है। लोगों का कहना है कि बेटे प्रिंस को लेकर अक्सर पति-पत्नी में विवाद होता था। छठ पर्व पर भी दोनों में कहासुनी हुई थी।
घर पर मौजूद बेटियां दुकान से खरीद खा रही थी ब्रेड
भटनी। अभिराम की माली-हालत ठीक नही थी। वह प्रतिदिन मजदूरी करता था तब जाकर घर का चूल्हा जलता था। इधर मां के मायके जाने के बाद अक्सर बेटियां रुपये लेकर दुकान पर पहुंचती थीं और ब्रेड-बिस्किट खरीद कर खाती थी। पड़ोस में खेलने के बाद शव मिले कमरे के बगल वाले रूम में रहती थीं। लोगों का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि दोनों बच्चियां कहां से रुपये लाती थी।