देवरिया। जिले में नशे की लत से जूझ रहे लोगों की वापसी के लिए प्रस्तावित नशा मुक्ति केंद्र पांच साल बाद भी जगह नहीं मिली है। सिर्फ काउंसिलिंग के भरोसे मरीजों का इजाल किया जा रहा है।
हालांकि, देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग के तहत ओएसटी सेंटर खोला गया है।
बीते पांच वर्ष से शासन महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल काॅलेज में नशामुक्ति केंद्र खोलने के लिए प्रयासरत है। कई बार शासन स्तर से इस बारे में कालेज प्रशासन से प्रस्ताव मांगा गया। पर अब तक इसके लिए मेडिकल कालेज में जगह नहीं मिल सकी है।
प्रस्ताव के तहत 10 बेड का नशामुक्ति केंद्र खोलने की व्यवस्था है। अगर यह खुल जाए तो जिले में नशा की आदत से परेशान लोगों के लिए सही जगह मिल सकेगी।
ट्यूबवेल काॅलोनी निवासी गौरव, कठिनईया निवासी उदयभान आदि का कहना है कि जिले में शराब और अन्य नशीले पदार्थों की लत से पीड़ित युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में पूर्णकालिक और संसाधन युक्त नशा मुक्ति केंद्र की सख्त जरूरत है, जहां मरीजों को भर्ती कर उनका उचित उपचार और पुनर्वसन (रिफॉर्मेशन) हो सके।
उधर काॅलेज प्रशासन कहना है कि नशामुक्ति केंद्र की स्थापना के लिए मानक के अनुसार स्थान नहीं है। इसलिए अभी नशामुक्ति के लिए भर्ती कर मरीजों इलाज किया जाना संभव नहीं है। ओएसटी सेंटर में दिया जाता है परामर्श और दवाएं : महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल काॅलेज में ओएसटी सेंटर में नशा छुड़ाने के लिए जरुरी दवाएं और सलाह दी जाती हैं। इस केंद्र में इंजेक्शन के जरिए नशा लेने वाले मरीजों का इलाज किया जाता है।
उन्हें आवश्यकतानुसार ओरल दवाएं दी जाती हैं। इन मरीजों को प्रतिदिन सेंटर में आकर अपनी काउंसिलिंग करानी होती है। उन्हें अपने सामने दवा का सेवन कराया जाता है।