देवरिया। प्रधान डाकघर के कर्मचारियों ने साथी मृत्युंजय सिंह की हार्ट अटैक से मौत के बाद नाराज होकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि वर्कलोड की वजह से कर्मचारी को जान गंवानी पड़ी है।
इसके चलते प्रधान डाकघर में कामकाज ठप रहा। डाक अधीक्षक को मांगपत्र देकर वर्क लोड से छुटकारा दिलाने की मांग की। मांगपत्र में कहा गया है कि एक कर्मचारी से निर्धारित आठ घंटे के बजाए अधिक समय तक काम लिया जा रहा है। इससे कर्मचारी मानसिक तनाव में जिंदगी गुजार रहे हैं।
सिविल लाइंस स्थित प्रधान डाकघर में मऊ निवासी मृत्युंजय सिंह प्रधान डाकघर में डाक सहायक के पद पर तैनात थे। काम के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने रेफर कर दिया।
लखनऊ में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। कर्मचारी नेता अरभेंदु शेखर, श्रीप्रकाश सिंह, अनिल मल्ल, वीके पांडेय, अमित यादव, अमित सिन्हा, वीके पांडेय, मनोज मौजूद रहे।