शोहरतगढ़/ चिल्हिया। चैत्र नवरात्र के छठे दिन मंगलवार को शक्ति के रूप में मां कात्यायनी की पूजा और आराधना की गई। श्रद्धालुओं ने मां को चुनरी, फल, सुगंधित पुष्प, रोली, सिंदूर व चूड़ी-बिंदी अर्पित किए और शहद, मिठाई का भोग लगाया।
शक्तिपीठ पल्टादेवी, कठेला समय माता, भिरडा समय माता, नगर पंचायत व ग्रामीण क्षेत्रों के सभी देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतार लगी रही। मंदिरों में घंटे-घड़ियाल गूंजे और जयकारे लगे। श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर सुख शांति और समृद्धि की कामना की।मान्यता है कि महर्षि कात्यायन ने मां भगवती को अपनी पुत्री के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। महर्षि की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवती ने उन्हें पुत्री का वरदान दिया। महर्षि कात्यायन के नाम पर ही इनका नाम कात्यायनी रखा गया।