मेडिकल कॉलेज में बढ़ी मरीजों की भीड़
देवरिया। होली के अवकाश के बाद सोमवार को मेडिकल कॉलेज खुलने पर मरीजों की भीड़ बढ़ गई। अस्पताल में सांस, बीपी, शुगर, उल्टी-दस्त, नस, हड्डी, चर्म रोग के चिकित्सकों के पास ज्यादा मरीज पहुंचे। चिकित्सक पसीना-पसीना हो गए। वहीं, बैठने का इंतजाम नहीं होने के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
होली की छुट्टी के बाद महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल सोमवार को खुला। जनपद के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा पड़ोसी प्रांत बिहार के सीमावर्ती गांवों के लोग अस्पताल में पहुंचे। पर्ची काउंटर पर सुबह से लंबी कतार लग गई। दिन चढ़ने के साथ ही लोग बढ़ते गए। अस्पताल में इलाज कराने के लिए 2155 लोगों ने पर्चियां लीं। अस्पताल के ओपीडी में चिकित्सक कक्ष से लेकर बरामदे तक भीड़ रही। यहां लगी कुर्सी, बेंच पर जगह न होने के चलते कुछ मरीज जमीन पर बैठे थे। उधर से गुजरने में लोगों को दिक्कत हुई। फिजीशियन कक्ष में मरीजों की भीड़ रही।
असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सिराजुद्दीन, डॉ. गौरव व जेआर डॉ. अंकिता ने सिर, बदन, कमर दर्द, कमजोरी, बीपी, शुगर, घबराहट, बुखार, फालिज आदि रोग से पीड़ित बीमारी के तकरीबन दो सौ मरीजों का इलाज किया। सर्जरी में डॉ. मानवेंद्र ने 90 मरीजों का उपचार किया। इसमें हार्निया, पथरी व अन्य रोगों से संबंधित 90 मरीजों का इलाज किया। दंत विभाग में डॉ. अजीज के पास करीब 70 मरीज पहुंचे। चेस्ट रोग कक्ष में खांसी, सांस, बुखार के अधिक मरीज रहे। इसके अलावा चेस्ट पेन आदि के मरीज पहुंचे। यहां डॉ. डीके सिंह व जेआर डॉ. विनय मिश्र ने 80 मरीजों का इलाज किया। बाल रोग विभागा में डॉ. विनीत जायसवाल, एसआर डॉ. नरेंद्र जायसवाल ने उल्टी-दस्त, सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार, पेट दर्द तथा अनाज में रखने वाली दवा खाने से बीमार दो बच्चों सहित करीब 125 मरीजों का इलाज किया। इसमें आठ की हालत गंभीर देखकर भर्ती कराया। चर्म रोग विभाग में डॉ. अजीत पाल व एसआर डॉ. ममता यादव ने करीब 150 मरीजों का इलाज किया।
इसमें रंग, अबीर गुलाल से एलर्जी, स्कैबीज, टीमिया आदि के मरीज शामिल रहे। नाक, कान, गला रोग कक्ष में डॉ. महेंद्र प्रसाद, एसआर डॉ. संतोष व जेआर डॉ. रामप्रवेश ने 80 मरीजों का इलाज किया। मानसिक रोग विभाग में डॉ. अंबु पांडेय ने चिंता, उदासीनता, अवसाद से पीड़ित 40 मरीजों का इलाज किया। नेत्र कक्ष में एसआर डॉ. स्नेहा कुमारी ने 145 से अधिक मरीजों का इलाज किया। उधर हड्डी रोग विभाग में डॉ. पीएन कन्नौजिया, डॉ. शुभलाल नस, कमर, घुुटना दर्द, हड्डी रोग के तकरीबन 255 मरीजों का इलाज किया। इन विभागों में सुबह से मरीजों की लाइन रही। कक्ष के अंदर से बाहर तक भीड़ रही। ओपीडी में तकरीबन सौ लोगों के ही बैठने की व्यवस्था है। अस्पताल आने वाले मरीजों और तीमारदारों के लिए यह जगह कम पड़ गई। खड़ा न हो पाने के कारण काफी संख्या में मरीज फर्श पर बैठ कर अपने नंबर का इंतजार कर रहे थे और तीमारदार खड़े थे।
इसके अलावा 165 मरीजों ने डिजिटल व करीब सौ लोगों ने सामान्य एक्स-रे तथा 105 लोगों ने सीटी स्कैन कराया। वहीं 280 लोगों ने ब्लड जांच के लिए पैथालॉजी में रजिस्ट्रेशन कराया।
इंजेक्शन लगवाने के रही भीड़
देवरिया। जिला अस्पताल के इंजेक्शन कक्ष में काफी भीड़ रही। यहां रैबीज से बचाव के लिए इंजेक्शन लगवाने को करीब 450 लोग पहुंचे। भीड़ के चलते यहां तैनात कर्मचारी परेशान रहे। लाइन को तोड़ कर पहले इंजेक्शन लगवाने का प्रयास कर रहे लोगों की आपस में नोकझोंक भी हुई, लेकिन कर्मचारियों ने समझाकर मामला शांत कराया।
सुबह से लाइन में खड़े रहे
मुंडेरा के रामआसरे ने बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे अस्पताल पहुंचा और नंबर की प्रतीक्षा कर रहा हूं। रामलक्षन के भटनी निवासी रमजान ने बताया कि सुबह लाइन में पर्ची लेने के बाद दस बजे से खड़ा हूं और बारी कर इंतजार कर रहा हूं। यहां भीड़ अधिक है। कहीं डॉक्टर उठ न जाएं, यह चिंता है। वहीं रामपुर कारखाना के छट्ठू गुप्ता दिखाने के लिए साढ़े दस बजे से आए थे। मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद भी व्यवस्था ठीक नहीं है, यहां बैठने की सुविधा नहीं है।
होली के बाद ओपीडी खुला है, जिससे भीड़ अधिक हुई है। अस्पताल में बैठने की व्यवस्था है, लेकिन भीड़ बढ़ने से कुछ दिक्कत हुई। मरीजों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. एचके मिश्रा, चिकित्सा अधीक्षक व बाल रोग विशेषज्ञ