देवरिया। कड़ाके की ठंड के बावजूद मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ रही। करीब दो हजार लोग इलाज कराने पहुंचे। इसकी वजह से लोगों को इंतजार करना पड़ा। मेडिसिन विभाग में बिना नंबर के मरीज को लेकर तीमारदार के डॉक्टर कक्ष में जबरन घुसने से रोकने पर सुरक्षा कर्मी से भिड़ गया, जिससे हंगामा हुआ। सुरक्षा कर्मी ने मामले को शांत कराया, जबकि अधिकांश जगह मरीजों की संख्या कम रही। पारा गिरने से ठंड बढ़ी है। हवा चलने से लोग ठिठुर रहे हैं। इसके बाद भी मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में भीड़ रही। यहां शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा बिहार के सीमावर्ती इलाके के लोग इलाज कराने पहुंचे थे। सुबह नौ बजे तक मरीजों की संख्या कम रही। दस बजे के बाद मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी।
रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लंबी कतार लग गई। उन्हें करीब एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। करीब दो हजार लोगों ने पर्ची ली। इसके अलावा एक हजार से अधिक मरीज फालोअप में आए थे। पर्ची लेने के बाद मरीज ओपीडी में पहुंचने लगे। मेडिसिन विभाग में सुबह 11.50 बजे मरीजों की लंबी कतार थी। कुर्सियां भरी थीं। खड़े-खड़े पैर थकने से कुछ लोग फर्श पर बैठकर बारी का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच बगल से मरीज को लेकर तीमारदार डॉक्टर कक्ष में घुसने लगा। यह देख लोग शोर करने लगे। सुरक्षा कर्मी के रोकने पर भिड़ गया और हंगामा होने लगा। सुरक्षा कर्मियों ने समझा कर हटाया और लाइन में आने को कहा। इसके बाद मामला शांत हुआ। यहां डॉ. विजय गुप्ता, डॉ. सुशील कुमार, डॉ. प्रांजल ने करीब ढाई सौ से अधिक मरीजों का इलाज किया। चेस्ट व श्वांस विभाग में मरीजों की लाइन रहीं। डॉ. अनुराग शुक्ला, डॉ. सुमित कुमार ने सौ से अधिक मरीजों, ईएनटी में भी मरीजों की कतार रही। डॉ. प्रदीप गुप्ता ने 140 मरीजों का इलाज किया। विभाग में सुबह से ही भीड़ रही।