करोड़ों रुपये खर्च, फिर भी आनलाइन नहीं हुए गांव
देवरिया। देवरिया और कुशीनगर जिले की सभी ग्राम पंचायतों को नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (भारत नेट) से जोड़ने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए। इसके बावजूद, दोनों जनपदों के गांव ऑनलाइन नहीं हो पाए हैं। पंचायत भवनों तक कनेक्शन नहीं पहुंचा पाया है। इस कारण पंचायतों में ऑफलाइन कार्य किया जा रहा है।
देवरिया और कुशीनगर जनपद में करीब चार हजार किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर के जरिए केबल डाला जाना है। ऐसा इस लिए, ताकि बीएसएनएल का नेटवर्क इन गांवों तक पहुंच जाए और नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के तहत देवरिया और कुशीनगर की 1700 ग्राम पंचायतें आनलाइन हो सकें। पर अब तक करीब 29 सौ किलोमीटर कार्य दो साल में हो पाया है। 40 दिन से कम समय बचा है, इसमें 11 सौ किलोमीटर कार्य पूरा किया जाना है। इसमें सवाल खड़ा होता है कि जब 24 माह में 29 सौ किलोमीटर काम पूरा हो पाया है तो 40 दिन में कैसे शेष कार्य पूरा हो पाएगा।
अब तक हुए कार्य
देवरिया। अब तक देवरिया जनपद की 486 और कुशीनगर की 616 ग्राम पंचायतों में नेटवर्क पहुंच जाने का दावा निगम कर रहा है। इसके लिए करीब 2900 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर डाल दिया गया है। सच तो यह है कि ओएफसी डालने के बाद भी ग्राम पंचायतों में अधिकतर जगहों पर कनेक्टिविटी नहीं है। कारण यह कि नेटवर्क से जुड़ने के लिए ग्राम पंचायतें आगे नहीं आ रही हैं। इस कारण शहर से लेकर देहात फाइबर टू होम के जरिए ऑनलाइन योजना धरातल पर नहीं उतर पा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग निजी कंपनियों का सहारा ले रहे हैं।
याद आने लगे पुराने नंबर
देवरिया। कई साल से बंद पड़े पुराने नंबर अब लोगों को याद आने लगे हैं, क्योंकि फाइबर टू होम सेवा में बेसिक फोन उपभोक्ता अपने नंबर को इस सेवा से जोड़ सकते हैं। पुराने नंबर को फिर से चालू कराकर सेवा ले सकते हैं। लैंडलाइन नंबर एफटीएच में बदल दिया जाएगा। इसके लिए शहर के आसपास के इलाकों में फ्रेंचाइजी के माध्यम से कनेक्शन दिए जाने हैं। इसके जरिए स्मार्ट टीवी का भी इस्तेमाल कनेक्शनधारक कर सकते हैं।
बचे कार्य को तेजी से किया जा रहा है। प्रयास है कि जल्द से काम पूरा हो जाए, ताकि गांवों को यह सुविधा उपलब्ध हो सके।
-अनुज श्रीवास्तव, नोडल अधिकारी, बीएसएनएल