कबड्डी चैंपियनशिप में जिले की टीम के शामिल होने के आसार कम
देवरिया। सीनियर महिला स्टेट कबड्डी चैंपियनशिप में इस बार जिले की टीम के हिस्सा लेने की संभावना कम ही दिख रही है। जिला कबड्डी संघ के जिम्मेदार अब तक जिला टीम चयन के लिए कोई तिथि तक निर्धारित नहीं कर पाए हैं। ऐसे में जनपद में इस खेल से जुड़ी जो भी खिलाड़ी हैं, वे परेशान हैं। कोरोना के चलते पिछले दो साल से यह चैंपियनशिप नहीं होने से उन्हें ओवरएज होने का डर भी सता रहा है।
उत्तर प्रदेश कबड्डी संघ की ओर से सीनियर स्टेट महिला कबड्डी चैंपियनशिप की मेजबानी प्रतापगढ़ जनपद को दी गई है। इसी माह में इसे होना भी है। हालांकि, इसमें प्रतिभाग के लिए जनपद की टीम अब तक जिला कबड्डी संघ के यहां के अध्यक्ष, सचिव या संयुक्त सचिव सहित अन्य जिम्मेदार नहीं चुन पाए हैं। इस वजह से जो खिलाड़ी बाहर रहकर अभ्यास करती हैं, वे परेशान हैं। कुछ महिला खिलाड़ियों ने बताया कि वे बाहर रहकर अभ्यास करती हैं। सीनियर स्टेट चैंपियनशिप में प्रतिभागिता के लिए जिला ट्रायल के जरिए ही प्रतिभाग हो सकता है। जनपद ट्रायल की सूचना, संघ के पदाधिकारियों की ओर से समय से नहीं दी जाती। ऐसे तो वे बिना खेले ही रह सकती हैं। जनपद में कबड्डी खेल कैसे आगे बढ़ेगा, जब संघ के जवाबदेहों का ही यह रवैया है।
स्टेडियम में नहीं हैं प्रशिक्षक
खेल निदेशालय की ओर से भी जनपद में कबड्डी को प्रोत्साहित करने की कोई योजना नहीं है। आलम यह है कि कबड्डी का शिविर भी पिछले दस वर्षों से आवंटित नहीं किया गया है। प्रशिक्षक नहीं होने से यहां के खिलाड़ी खेल में बेहतर करने की आस में बाहरी शहरों का रुख कर लेते हैं। फेडरेेशन की ओर से आयोजित चैंपियनशिप में जिले की ओर से ही इंट्री मिलने के चलते वे जिला ट्रायल में भाग लेने आते हैं। संघ का यह रवैया ऐसे खिलाड़ियों को संशय में डाले रहता है।
जनवरी के अंत में प्रदेश संघ की ओर से चैंपियनशिप की तिथि घोषित होने के बाद यहां भी ट्रायल करा लिया जाएगा। इसके बाद 12 सदस्यीय जिला टीम की घोषणा कर दी जाएगी और स्टेट में खेलने के लिए भेजा जाएगा। सीनियर स्टेट में 18 से 21 वर्ष आयु वाले ही अधिकतम खेल सकते हैं।
- मुलायम सिंह यादव, संयुक्त सचिव, जिला कबड्डी संघ