संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू और राप्ती नदी में आई बाढ़ से बरहज नगर के अलावा परिसयां-विशुनपुर देवार के 14 मजरों सहित उग्रसेन सेतु के निकट गोरखपुर जनपद के कोलखास गांव में घरों तक पानी पहुंच गया था। वहीं भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है। अब नदी के पीछे हटने से जलभराव वाली जगहों दुर्गंध उठ रही है। सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। विशुनपुर देवार के स्कूलहिया, कत्लहवा, बरमहवा, जरलहवा, बांके टोला, जवाहर टोला सहित 12 मजरों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया था। कृषि भूमि जलमग्न हो गई थी।
ज्यादा दिनों तक पानी में लगा होने के कारण मक्का, धान आदि फसलें बर्बाद हो गईं। परसियां-विशुनपुर देवार के अलावा कपरवार के खादर, कुवाईच टोला, नौकाटोला, परसियां तिवारी, बेलडॉड़, मोहरा, समोगर, बरांव, कोल्हुआं, भदिला दोयम, महेन के खेत में लगी फसलों को नुकसान पहुंचा है।
बताया जा रहा है कि खेतों में नदी का पानी लगने से धान की फसलों में झुलसा रोग लग गया है।
तटवर्ती गांव परसियां देवार के रमाशंकर यादव, शंकर भगत, विशुनपुर देवार के ओमप्रकाश यादव, भदिला प्रथम के रामसरीखा, विनय यादव, कपरवार के अखिलेश सिंह, मदन मिश्र, ज्ञानेश्वर सिंह आदि का कहना है कि नदी के पीछे हटने से काफी राहत मिली है। लेकिन जद में आ जाने से कृषि भूमि की अधिकांश फसलें बर्बाद हो गई हैं। उनका यह भी कहना है कि जलजमाव वाली जगहों से उठ रही सड़ांध से संक्रामक बीमारियों के फैलने का भय सता रहा है।