देवरिया। सलेमपुर क्षेत्र बिहार सीमा से सटे होने के कारण अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है। यहां नकली नोट, नकली दवा, स्मैक और अवैध असलहा के धंधेबाजों की गतिविधियां संचालित हो रही हैं। बरहज पुलिस जिस असलहा बरामदगी को लेकर फजीहत झेल रही है, उसके तार भी सलेमपुर से जुड़े बताए जा रहे हैं।
22 अप्रैल को कोतवाली पुलिस ने हरैया लाला क्षेत्र से पति-पत्नी समेत एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से स्मैक, 7.23 लाख रुपये, इलेक्ट्रॉनिक तराजू और दवा कूटने के उपकरण बरामद हुए थे।
इस मामले में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
इससे कुछ दिन पहले बरहज थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक युवक ने अवैध असलहा के धंधे के आरोप में पकड़ा था। पुलिस को शक था कि यह युवक सलेमपुर के एक धंधेबाज से असलहा खरीदकर दूसरों को बेचता है।
उस धंधेबाज को पकड़ने के लिए बरहज, मईल और सलेमपुर कोतवाली की संयुक्त पुलिस टीम ने छापामारा था, लेकिन उसे पहले ही पुलिस के आने की भनक लग चुकी थी और वह भाग गया था।
सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के नवलपुर गांव के रहने वाले डॉ. अल्तमश हुसैन को कोरोना काल में नकली दवाओं की बिक्री के आरोप में पकड़ा गया था। उसके खिलाफ दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी।
डॉ. अल्तमश की तलाश में कई बार पुलिस नवलपुर आ चुकी है। ये मामले उदाहरण भर हैं। दिसंबर 2025 में सलेमपुर कोतवाली के गांव पड़री तिवारी निवासी राजकमल तिवारी और उनके गांव के ही अरविंद तिवारी का अपहरण कर फिरौती मांगने के लिए बदमाशों का एक गैंग सलेमपुर में एक सप्ताह तक रेकी करता रहा।
जिस दिन बदमाश अपहरण की वारदात को अंजाम देने वाले थे, उससे एक दिन पहले ही एसटीएफ को खबर लग गई। एसटीएफ ने घेराबंदी की तब मुठभेड़ में मऊ जिले का कुख्यात बदमाश हिमांशु यादव गिरफ्तार हुआ था।
सीओ का कहना है कि पुलिस की नजर अपराधियों पर है। बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं। फिलहाल सलेमपुर में बदमाशों की गतिविधियां नहीं हैं। बिहार बाॅर्डर पर भी पुलिस कर्मियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं।