फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चौराहों पर लगेंगे पोस्टर तो, अपराधी मानसिकता वाले होंगे हतोत्साहित

विज्ञापन
अमर उजाला की तरफ से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में महिलाओं और युवतियों ने आपस में चर्चा कीं। - फोटो : DEORIA
विज्ञापन
चौराहों पर लगेंगे पोस्टर तो, अपराधी मानसिकता वाले होंगे हतोत्साहित
विज्ञापन

देवरिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में महिलाओं, लड़कियों और बच्चियों से छेड़खानी, दुर्व्यवहार, अपराध व यौन अपराध करने वालों का चौराहे पर पोस्टर लगाने का आदेश जारी किया है। जिले में इस पर अमल भी शुरू हो गया है। महिलाओं, छात्राओं व युवतियों को सरकार का यह फैसला खूब पसंद आ रहा है। उनका मानना है कि सरकार के इस कदम से छेड़खानी की मानसिकता वाले लोग हतोत्साहित होंगे। इससे ऐसे अपराधों को रोकने में मदद मिलेगी।
मंगलवार को राघवनगर स्थित देवरिया गिटार टाउन में अपराजिता अभियान के तहत आयोजित परिचर्चा में हर वर्ग की महिलाओं ने खुलकर अपनी राय रखी। इनरह्वील सृजन की अध्यक्ष एवं शिक्षिका डॉ.माया सिंह ने कहा कि दुष्कर्म के आरोपियों का पोस्टर लगाने का निर्णय बिल्कुल सही है। लेकिन यह भी देखना होगा कि किसी निर्दोष की फोटो न लगा दी जाए। एक बार किसी के परिवार की इज्जत व सामाजिक प्रतिष्ठा चली जाती है तो वह पुन: वापस नहीं आती। समाज के लोग ही ऐसे परिवार पर बेवजह का कमेंट करते हैं। इससे बचना होगा। गृहणी नीलम त्रिपाठी ने बताया कि पोस्टर लगाने के साथ ही ऐसे आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी जरूरी है। बेटा-बेटी कहां जा रहे हैं, अभिभावकों को हमेशा ध्यान रखना होगा। संगीत शिक्षिका निकिता सिंह ने बताया कि सरकार के इस फैसले से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा। अपराधी मानसिकता के लोगों की पहचान हो सकेगी। सामाजिक कार्यकर्ता सीमा जायसवाल मानती हैं कि कई बार ऐसे मामलों में केवल लड़के ही दोषी नहीं होते, पोस्टर लगाने से पहले इसका भी ख्याल रखना होगा। घर से ही अच्छे संस्कार व शिक्षा दी जाए तो ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी। मॉडलिंग क्षेत्र में काम कर रहीं अर्चना सिंह कहती हैं कि केवल पोस्टर लगाने से ही अपराध कम नहीं होगा, ऐसे लोगों की मानसिकता भी बदलनी पड़ेगी। निर्भया कांड, हैदराबाद कांड के बाद भी रेप की घटनाओं में कमी नहीं आई है। सऊदी अरब जैसे कानून यहां भी लागू होने चाहिए, ताकि ऐसे अपराध को अंजाम देने से पहले अपराधी किस्म के लोग सौ बार सोचें। छात्रा प्रियंका चौबे ने बताया कि सरकार का निर्णय सही है। लेकिन ऐसे अपराध न हो, इसके लिए हर लड़की को सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण लेना चाहिए। स्कूलों में तो इसे अनिवार्य बना देना चाहिए।
विज्ञापन

स्पीकअप
सरकार का निर्णय सही है। इससे अपराधी किस्म के लोगों का पता चलेगा। उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल होगी, तभी उनकी सोच बदलेगी। उनकी पहचान सामने आने के बाद अन्य लोगों को भी सतर्क होने का मौका मिलेगा। -अंशिका राय, छात्रा
इंसान की पहचान ही उसकी इज्जत से होती है। अगर किसी की सामाजिक प्रतिष्ठा ही चली जाए तो वह उपेक्षित हो जाएगा। लोग उससे दूरी बनाने लगेंगे। ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार जरूरी है, ताकि उन्हें अपने अपराध का बोध हो सके। -सृष्टि सिंह, छात्रा
सरकार का फैसला बिल्कुल सही है। इसकी सही ढंग से मानिटरिंग जरूरी है। कुछ वर्षों पूर्व एंटी रोमियो स्क्वॉड बना था, आज उसके बारे में किसी को पता नहीं। पीड़िता से सवाल-जवाब के लिए पुलिस वालों को गाइड लाइन मिलनी चाहिए। -प्रियंका प्रजापति, छात्रा
विज्ञापन

पुलिस दुष्कर्म पीड़िता से जैसे सवाल करती है, वह कत्तई सही नहीं है। ऐसे सवाल किए जाते हैं कि वह और डर जाती है। आरोपियों के केवल पोस्टर लगा देने से कुछ नहीं होने वाला। कड़ा कानून और उसका क्रियान्वयन जरूरी है। -ज्योति चौबे, अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें