बच्ची के हत्या का पुलिस अधीक्षक ने खुलासा किया।
देवरिया में पिता के अनैतिक कृत्यों की सजा उसकी आठ वर्ष की मासूम बच्ची को जान गवाकर चुकानी पड़ी। मेहड़ापुरवा हत्याकांड का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा किया प्रतिशोध की आग में धधक रहे पड़ोस के युवक ने बच्ची के पिता को मारने की योजना बनाई थी। कोशिश नाकाम होने पर उसने गला दबाकर उसकी बच्ची को मार डाला और लाश को रेल लाइन पर फेंक दिया।
एसपी प्रभाकर चौधरी ने मर्डर का खुलासा करते हुए बताया कि शनिवार सुबह मेहड़ापुरवां रेल लाइन बच्ची की लाश मिली। उसकी पहचान तनु उर्फ टन्नू पुत्री रणजीत सिंह के रुप में हुई। वह शुक्रवार रात से लापता थी। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई तो अज्ञात लोगों पर हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। पीएम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। सीओ सुशील सिंह, कोतवाल गोपाल त्रिपाठी, एसओ गौरीबाजार अनिल पांडेय, क्राइम ब्रांच के विकास यादव की टीम को खुलासे के लिए लगाया गया।
पड़ताल में पता चला कि हत्या पड़ोस के रहने वाले मेहड़ापुरवां निवासी संदीप यादव ने की है। मुखबिर की सूचना पर उसे रेलवे स्टेशन कसया ढाला के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने तनु के हत्या की बात कबूल ली। आरोपी संदीप यादव ने बताया कि तनु के पिता रणजीत सिंह का उसके घर अक्सर आना जाना था।
उसकी नाबालिग बहन से रणजीत के अनैतिक संबंध थे। कई बार अश्लील बातें करते पकड़े जाने पर इसका भाई ने विरोध किया। बहन को समझाया लेकिन वह नहीं मानी। जिसके बाद उसने रणजीत सिंह को रास्ते से हटाने की ठान ली। एसपी ने बताया कि हत्यारोपी संदीप प्रतिशोध की आग में जल रहा था। उसे बीस दिन पहले रणजीत सिंह की हत्या की योजना बनाई थी। इसके लिए वह तरकुलवा देवी मंदिर से कसम खाकर लौटा था। कई बार रणजीत सिंह की हत्या के लिए रेकी की। लेकिन कामयाबी हाथ नहीं लगी। प्रतिशोध लेने पर उतारू संदीप ने ऐसे में तनु का कत्ल कर दिया। प्रेसवार्ता में एसपी ने खुलासे के लिए पूरी टीम को बधाई दी और पांच हजार रुपये का इनाम भी दिया।