तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से सात साल के बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद कार एक फर्नीचर की दुकान में जा घुसी। इससे दुकान में काम कर रहा रवि घायल हो गया, जबकि अन्य वर्कर बाल-बाल बच गए।
हादसे के बाद कार छोड़कर सवार भाग निकले। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर बच्चे की मौत की खबर मिलते ही गांव से महिलाओं का हुजूम थाने में पहुंच गया।
एक सिपाही रोती बिलखती महिलाओं को कोतवाली से बाहर निकालने लगा। इसका महिलाओं ने विरोध किया। इस दौरान पुलिस और महिलाओं के बीच झड़प भी हुई।
नादघाट गांव निवासी पूर्णमासी अहिरौली लाला गांव के समीप मकान बनवाकर परिवार के साथ रहता है। वह नवलपुर चौराहे पर चाय की दुकान चलाता है।
इसका सात वर्षीय बेटा मन्नू सुबह करीब 10 बजे चाय की दुकान से पैदल घर जा रहा था। अभी वह अहिरौली लाल गांव के समीप पहुंचा था कि भागलपुर की ओर से तेज गति से आ रही अनियंत्रित कार की चपेट में आ गया।
इसके बाद कार एक फर्नीचर की दुकान में टक्कर मारते हुए सड़क किनारे उतर गई। इस दौरान दुकान में काम कर रहा रवि घायल हो गया और कई अन्य वर्कर बाल-बाल बच गए।
हादसे के बाद कार छोड़कर उसमें सवार लोग फरार हो गए। लोगों ने खून से लथपथ बच्चे को सीएचसी पहुंचाया जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल पहुंची पुलिस ने लाश को कब्जे में ले लिया। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही उसे देखने के लिए कोतवाली में लोगों की भीड़ जुट गई।
बच्चे की लाश देखकर उसका पिता पूर्णमासी दहाड़े मारकर रोने लगा। इस बाबत इंस्पेक्टर डीपी सिंह ने बताया कि दुर्घटना में शामिल कार को कब्जे में लेकर लाश को पोस्टमार्टन के लिए भेज दिया गया है।