सरेया चौराहे के पास कार और बाइक की टक्कर में तीन युवकों की मौत के बाद बिलखते परिजन।
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देवरिया। एक ही झटके में मुंडेरा खुर्द गांव के तीन चिराग बुझ गए। शादी की खुमारी में झूम रहे परिवार की खुशियां काफूर हो गईं। बच गई तो गांव में चीख पुकार। क्या महिलाएं और बच्चे, सभी हादसे की सूचना पाकर अस्पताल की तरफ दौड़ पड़े।
चचेरे भाई की मौत ने मांगलिक कार्यक्रम पर ग्रहण लगा दिया। चंद मिनट में गांव सन्नाटे में बदल गया। जिला अस्पताल चीख-पुकार से दहल उठा। तीनों की मौत की वजह एक ही बाइक पर ओवरलोड सवारी बताई जा रही है। हादसे ने पुलिस की यातायात जागरूकता माह पर सवाल खड़ा कर दिया। बिना हेलमेट और बाइक पर चार सवारी चर्चा का विषय बनी हुई है।
खुखुंदू, मुंडेरा खुर्द गांव निवासी देवानंद उर्फ रामलक्षन के चचेरे भाई रवि चौहान की बारात रविवार को जानी है। नागेंद्र, धर्मेन्द्र और महंत के साथ परिसार के सभी सदस्य शादी की तैयारी में जुटे थे। घायल महंत ने बताया कि शादी के लिए वे लोग खुखुंदू चौराहे पर कपड़ा और जूता खरीदने आए थे। शाम को बाजार कर मछली सहित अन्य सामान लेकर घर लौट रहे थे।
बाइक पर चार लोगों के बैठने से काफी दिक्कत हो रही थी लेकिन खुखुंदू बाजार से चंद किमी घर की दूरी होने के कारण सभी एक ही बाइक पर बैठ गए। आगे क्या हुआ। याद नहीं। शाम साढ़े पांच बजे के करीब हादसे की खबर फोन से लोगों को मिली, गांव के कुछ लोग सरया चौराहे पर पहुंचे तो नागेंद्र और धर्मेन्द्र की मौत हो चुकी थी।
महंत और रामलक्षन को अस्पताल भेजा जा रहा था। मौत की खबर जैसे ही आम हुई पूरे गांव में कोहराम मच गया। चींख पुकार मच गई। अपनों का हाल जानने के लिए लोग जिला अस्पताल पहुंचे। कई रिश्तेदार शामिल थे।
एक घंटे तक अस्पताल में अफरातफरी मची रही। भारी संख्या में फोर्स भी पहुंच गई थी। मृतक रामलक्षन कक्षा आठवीं का छात्र था। बाकी दोनों युवक बाहर रहकर काम करते है। रवि की शादी में सभी शामिल होने आए थे। मृतकों का एक ही घराना है।