देवरिया। विधायक को धमकी देने वाला, इंस्पेक्टर से रंगदारी मांगने का आरोपी पुलिस की नजर में गुनहगार नहीं है। गिरफ्त में आए मनबढ़ को पुलिस ने शांतिभंग में चालान करने की बात कह रही है।
वजह विधायक और इंस्पेक्टर की ओर से तहरीर नहीं देना वजह बताई जा रही है। यह हाईप्रोफाइल मामला एसपी के संज्ञान में है। बावजूद इसके कोतवाली पुलिस मामले का अल्पीकरण कर रही है। जिला अर्थ संख्या अधिकारी कार्यालय में तैनात एक इंस्पेक्टर को किसी ने सदर विधायक बनकर डेढ़ लाख रुपये की रंगदारी मांगी। रुपये नहीं मिलने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी।
इंस्पेक्टर के करीबी लोगों ने जब सदर विधायक जन्मेजय सिंह से संपर्क किया। विधायक ने किसी भी इंस्पेक्टर से रुपये मांगने की बात को खारिज करते हुए धमकी वाले नंबरों पर पूछताछ शुरू की। इस पर आरोपी भड़क गया। उसने सदर विधायक को भी धमकाना शुरू कर दिया। किसी तरह मामला शांत हुआ। आरोपी बार-बार विधायक को फोन का धमकी देने लगा।
लगातार धमकी मिलने से परेशान सदर विधायक जन्मेजय सिंह ने मामले की शिकायत एसपी से की। एसपी के निर्देश पर जब नंबर की पड़ताल शुरू हुई तो पता चला कि आरोपी मदनपुर क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला ब्रह्मानंद दुबे है।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद आरोपी ने धमकी देने की बात को स्वीकार कर लिया। लेकिन उसके खिलाफ किसी ने थाने में तहरीर नहीं दी। एसपी ने विधायक से बात कर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को कहा लेकिन विधायक ने तहरीर देने से इंकार कर दिया।
इंस्पेक्टर भी पुलिस के सामने नहीं आए। एसएसआई कोतवाली मृत्युंजय पाठक ने बताया कि किसी ने तहरीर नहीं दी है। आरोपी को शांतिभंग में चालान किया जाएगा। पूछताछ की जा रही है। विधायक जन्मेजय सिंह ने कहा कि आरोपी ने फोन पर उल्टा-सीधा कहा, मैंने उसे माफ कर दिया।