रुद्रपुर (देवरिया)। बिजली विभाग के अवर अभियंता रोहिताश कुमार को बुधवार को उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान गोरखपुर की टीम ने पांच हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। विजिलेंस टीम ने जेई के खिलाफ कोतवाली में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया। उन्हें बृहस्पतिवार को भ्रष्टाचार न्यायालय गोरखपुर में पेश किया जाएगा।
कन्हौली गांव निवासी रामसहाय गांव में 10 हार्स पॉवर का मोटर लगाकर चक्की चलाते हैं। काम कम होने के कारण वह मोटर का पॉवर घटा कर 7.5 हार्स पॉवर कर दिए, लेकिन बिजली का लोड़ कम नहीं हुआ। वह लोड कम कराने के लिए छह माह से बिजली विभाग का चक्कर काट रहे थे।
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रामसहाय का कहना है कि जेई रोहिताश कुमार लोड कम करने के लिए 15 हजार रुपये रिश्वत मांग रहे थे। बिजली विभाग के बड़े अधिकारियों से मिलने के बाद भी जेई बिना रुपये लिए लोड कम करने को तैयार नहीं हुए। अंत में वह एसपी विजिलेंस से मिलकर शिकायत किए। एसपी कुश सौरभ ने टीम गठित कर छापेमारी का निर्देश दिया। टीम ने रामसहाय से जेई से बात कराई। उसने रिश्वत की रकम पांच हजार तीन किस्तों में देने को कहा।
बुधवार को रामसहाय रंग लगे नोट लेकर सुबह दस बजे जेई के दफ्तर में पहुंच गया। उनके साथ विजिलेंस टीम भी मौजूद थी। करीब 12 बजे जेई को घूस का रकम दिया। नोट लेते ही विजिलेंस टीम ने जेई को दबोच लिया।बिजलेंस टीम के प्रभारी एके सिंह ने बताया कि जेई का हाथ धुलवाने पर उसका हाथ लाल हो गया। कहा कि जेई को कोतवाली के लॉकअप में रखा गया है।