पुलिस लाइंस में एसपी राजीव मल्होत्रा ने मातहतों के साथ बैठक की। इस दौरान उपस्थित सीओ और थानाध्यक्ष।
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देवरिया। पहली क्राइम मीटिंग में एसपी राजीव मल्होत्रा ने तीन थानेदारों को लाइनहाजिर कर दिया। डेढ़ घंटे की मीटिंग में एसओ सहमे रहे, सीओ अगल-बगल झांकते रहे। जनरल पुलिसिंग में थाने फेल हो गए। सूत्रों का कहना है कि एसपी संजय एम तरडे ने पहली क्राइम मीटिंग में ऐसी कार्रवाई की थी। पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में एसपी राजीव मल्होत्रा मातहतों के साथ पहली क्राइम मीटिंग, जय हिंद सर, नाम क्या है तुम्हारा? सर डीपी सिंह, किस थाने पर पोस्ट हो, सर गौरीबाजार। कब से हो, सर चुनाव से पहले इसके पहले, कहां रहे, सदर कोतवाल देवरिया, सलेमपुर और भलुअनी में, गुड। मेरे साथ काम किए हो। कुछ इसी अंदाज में एसपी ने शुरूआत की।
उनका पारा तब चढ़ा, जब थानेदार जनरल पुलिसिंग में फेल हो गए। कई थानेदार अपराध के बारे में एसपी को सही जानकारी नहीं दे पाए। लंबित विवेचना की संख्या कितनी है, बच्चों की गुमशुदगी और बरामदगी की क्या स्थिति है। ऐसे सवाल में थानेदार चुप्पी साध गए। थानेदार घटना की तिथि नहीं बता पाए। एसपी ने कहा कि जब घटना का डेट और लंबित विवेचनाओं के बारे में जानकारी नहीं रहेगी तो थानेदारी क्या करोगे। मीटिंग के दौरान फायरिंग के मामले में खामपार थानेदार अजय श्रीवास्तव एसपी से तर्क कर बैठे। एसपी ने कहा कि मीटिंग से उठो, लाइन में जाकर आमद करा लो।
बरहज इंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा भी कई केस के बारे में सहीं जानकारी नहीं दे पाए। इलाके में हुई घटनाएं भी उन्हें याद नहीं थी। भाटपाररानी इंस्पेक्टर सतेंद्र पांडेय बिना किसी से पूछे अवकाश पर चले गए। एसपी ने इन दोनों को भी लाइनहाजिर कर दिया। सीओ ट्रेनिंग रोहित यादव को भी एसपी ने नसीहत दी। साथ ही भाटपाररानी क्षेत्राधिकारी शिताशू कुमार को भी हिदायत दी। इसके पहले एसपी ने ‘आतंकवाद विरोधी दिवस’ के रूप में सभी थानेदारों, सीओ को शपथ दिलाई।