नगर में आग घुसता देख लोग जो भी सामान मिला उसमें ही पानी लेकर आग बुझाने में जुट गए। पानी पीने वाली सुराही से पानी गिरा कर आग बुझाता किसान
गर्म पछुवा के थपेड़ों के बीच बृहस्पतिवार को आग से नगर से लेकर गांवों तक कोहराम मचा रहा। डंठल में लगी आग आबादी में घुसने से हड़कंप मच गया। भारी संख्या में लोग आग बुझाने को दौड़ पड़े। आग की चपेट में आने से करीब पांच सौ पौधे और 11 झोपड़ी जलकर राख हो गईं। आग से रुद्रपुर निबही मार्ग पर तीन घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा। करीब पांच किलोमीटर तक गेहूं के डंठल और पेड़ों के जलने से नगर में चारों तरफ धुंआ का गुबार फैला रहा।
गोनाह सुरतपुरा गांव के समीप दिन में 11 बजे किसी ने डंठल में आग लगा दी। आग सड़कों के किनारे पेड़ पौधों को जलाते हुए मझने पुल पर पहुंच गई। पेट्रोल पंप के समीप आग को देख लोगों के होश उड़ गए। लोग आग बुझाने में जुट गए। आग सहनकोट परिक्षेत्र में घुसकर पेड़ पौधों को जलाने लगी। खजुहा गांव की आबादी के करीब आग को देख गांव में दहशत फैल गई। गांव के युवक पंपिंगसेट चालू कर आग बुझाने में लग गए।
जोगिया बुजुर्ग गांव में आग की चपेट में आने से रामईश्वर पासवान, शिव पासवान, ओमकार पासवान, रमेश, अंगद, संतू, अदालत, गोरख, कमला की झोपड़ी गृहस्थी के सामान समेत जलकर नष्ट हो गई। गोनाह सुरतपुरा से आग खजुहा गांव के करीब पहुंची तो नगर में चारों तरफ धुंआ फैल गया। बूढ़े से लेकर बच्चे तक आग बुझाने को दौड़े। आग की लपटों से रुद्रपुर निबही मार्ग पर आवागमन दोपहर में बंद हो गया। चार घंटे तक फायर बिग्रेड और युवकों के प्रयास से आग पर काबू पाया गया। आग से उठने वाले धुंए की रफ्तार कम देख नगर की चालीस हजार की आबादी ने राहत की सांस ली।