बरहज। इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसे में बरहज का भी एक मजदूर घायल हो गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पैतृक गांव शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। वह गेंहू की बुआई के लिए गांव आ रहा था। पुराना बरहज वार्ड-2 निवासी रामानंद यादव इंदौर में मजदूरी करता था।
कानपुर के पुखरायां-मालसा के बीच इमरजेंसी ब्रेक लगने से ट्रेन के करीब 14 डिब्बों के पटरी से उतर जाने से वह भी घायल हो गया था। लोगों का कहना था कि वह गांव गेहूं की बुआई करने आ रहा था। मंगलवार को जब उसका शव घर पहुंचा तो आसपास के लोगों का हुजूम जुट गया।
उसके मौत से कस्बे में मातम का माहौल है। उसकी पत्नी पहले ही साथ छोड़ चुकी है। पत्नी की मौत के बाद रामानंद काम की तलाश में इंदौर पहुंच गया। उसकी इच्छा थी कि छोटे बेटे बलवंत की शादी धूमधाम से करे लेकिन रेल हादसे में चल बसा। रामानंद की तीन संतान शत्रुघभन, बबिता और बलवंत हैं। वह बड़े बेटे और बेटी की शादी कर चुका था। रामानंद की मौत से गांव में मातम पसरा है।