मदनपुर में थाने में अागजनी के बाद गाड़ियां भी फंूक दी गईं।
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देवरिया। मदनपुर में उपद्रवियों का तांडव देख कस्बे के दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुुकानों के शटर डाउन कर दिए। जान बचाकर वे घरों में छिप गए। सड़क पर सिर्फ उपद्रवी ही नजर आ रहे थे। पुलिस का कोई अता-पता नहीं था। एक वर्ग विशेष के लोगों को हाथों में रॉड, डंडा, बल्लम लिए देख लोग कुछ समझ पाते कि थाने पर शुरू हुआ तांडव देखते ही देखते कस्बे की ओर रूख कर दिया।
एक की दुकान फूंके जाने के बाद कस्बे के दुकानदार सहम गए। आनन-फानन में उन्होंने दुकानों का शटर डाउन करने शुरू कर दिए। जल्दबाजी में कुछ घरों की ओर भागे तो कुछ दुकान के अंदर ही छिप गए। कई लोग सुरक्षा गुहार भी लगाते सुने गए, लेकिन पुलिस खुद बेबस हो गई थी। इसलिए कस्बेवासियों को अपने हाल पर छोड़ दिया। ढाई घंटे तक मदनपुर कस्बा उपद्रवियों के कब्जे में रहा। सड़क पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया था। बाहर से आने वाली पुलिस भी हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी।
डीएम और एसपी भी तब पहुंचे जब पर्याप्त संख्या में पुलिस और पीएसी बल मौके पर पहुंच गया था। इसके बावजूद उपद्रवियों का तांडव रुकने का नाम नहीं ले रहा था। पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया तो जवाब में ईंट-पत्थर चलने लगे। सड़क पर भगदड़ मच गई। सुरक्षित भागने की हड़बड़ी में कई लोगों के चप्पल भी छूट गए। इसके बाद भी घंटों तक सड़क पर सन्नाटा पसरा रहा।
दुकानों के शटर रात तक नहीं खुले। हर कोई सहमा और डरा था कि उनके साथ कोई अनहोनी न हो जाए। कस्बे के एक शख्स ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यदि दुकानें न बंद हुई होती और लोग घरों में न दुबक गए होते तो मदनपुर का मंजर कुछ और ही होता।