देवरिया। जिला कारागार से पेशी पर आया बंदी कचहरी के लॉकअप से भाग गया। गणना में बंदी की संख्या कम होने पर महकमे में खलबली मच गई। लॉकअप में पहुंचकर एसपी, एएसपी ने सुरक्षा का जायजा लिया और ड्यूटी में तैनात जवानों से पूछताछ की। जांच के बाद एसपी ने कहा कि लापरवाही से बंदी लाकअप से फरार हुआ है। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
कोतवाली थानाक्षेत्र के कांशीराम मेहड़ापुरवां निवासी अनिल सोनकर पांच सितंबर को जिला कारागार में बंद था। कोतवाली पुलिस ने चोरी के माल और आर्म्स एक्ट में जेल भेजा था। कोतवाली, शाहपुर, कैंट थाने में उसके खिलाफ चार मुकदमे दर्ज हैं। गुरुवार को आर्म्स एक्ट के मामले में अनिल सोनकर की कोर्ट में पेशी थी। सिपाही सुभाष सिंह, महबूब आलम और तूफानी दस बजे के करीब पुलिस वैन से जेल पहुंचे। जिला कारागार से 46 बंदियों को कोर्ट जाने के लिए बाहर किया गया। सभी का वारंट भी सिपाहियों ने लिया। वारंट के आधार पर कचहरी लॉकअप में सभी बंदियों को भेज दिया गया। जब पेशी की बारी आई तो अनिल सोनकर गायब था। खोजबीन में अनिल सोनकर का कहीं पता नहीं चला।
पुलिस की एक टीम जेल पहुंची। वहां भी बंदियों की गणना कराई गई लेकिन में सब कुछ ठीक मिला। फिर पुलिस कांशीराम आवास अनिल सोनकर के घर पहुंची और दबिश दी, वह हाथ नहीं आया। बंदी के लॉकअप से भागने की सूचना पर खलबली मच गई। एएसपी एनके सिंह कचहरी पहुंचे और लॉकअप ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मी से पूछताछ की। एसपी मोहम्मद इमरान भी लॉकअप का हाल जानने पहुंचे। ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों से पूछताछ की। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक पड़ताल में यह बात साबित हो रही है कि बंदी लॉकअप से भागा है।
पुलिस बंदी की धरपकड़ में छापामारी कर रही है। लॉकअप की सुरक्षा में अर्जुन प्रसाद, सुभाष सिंह, एसीपी बिपिन बिहारी, प्रमोद वर्मा, मनोज, अनिल कुमार, सुग्रीव कन्नौजिया, अभयचंद यादव, दीपक कुमार, मिट्ठू राम, तूफानी सिंह यादव, महबूब आलम, चंदन प्रसाद, सीताराम की ड्यूटी थी। जबकि महिलाओं की सुरक्षा में संगीता देवी, कौशल्या चौहान और आफरीन खातून तैनात थीं। इसके बाद भी बंदी लॉकअप से भाग गया। अपर पुलिस अधीक्षक एनके सिंह ने कहा कि बंदी की तलाश जारी है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। पूरे मामले की जांच होगी, जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।