देवरिया में एंटी करप्शन विंग की टीम ने जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में तैनात बाबू को तीन हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। साक्ष्य के साथ टीम आरोपी बाबू को लेकर कोतवाल पहुंची। इसकी खबर फैलते ही विकास भवन में खलबली मच गई। आरोपी बाबू एक महिला सफाई कर्मचारी से वेतन पास करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था।
बनकटा सुंदरपार की ममता देवी भागलपुर ब्लॉक के मिश्रौली में सफाई कर्मचारी हैं। महिला को तीन महीने से वेतन नहीं मिल रहा था। आरोप है कि वेतन भुगतान करने के एवज में जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में तैनात कनिष्ठ लिपिक सतीश श्रीवास्तव तीन हजार रुपये की मांग कर रहा था। कई बार प्रार्थना पत्र देने के बाद जिला पंचायत राज्य अधिकारी कार्यालय में सुनवाई नहीं हुई। जिससे सफाई कर्मी के पति उमेश प्रसाद ने गोरखपुर एंटी करप्शन विंग में शिकायत की। इस पर विंग ने डीएम से अनुमति मांगी। इसके बाद बृहस्पतिवार को एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर सभाजीत तिवारी, उप निरीक्षक मोहम्मद रफीक, शैलैन्द्र राय, चंद्रभान मिश्र और शेषनाथ विकास भवन पहुंच गए।
सुबह करीब साढ़े दस बजे जब उमेश प्रसाद ने बाबू सतीश श्रीवास्तव को 3000 रुपये दिए उसी समय टीम ने उसे पकड़ लिया। आरोपी बाबू गोरखपुर के बिछिया क्षेत्र का रहने वाला है। साक्ष्य संकलन करने के बाद टीम बाबू को लेकर कोतवाली आई और पूछताछ के बाद उसके खिलाफ केस दर्ज कराकर जेल भेज दिया। इसके पहले भी विकास भवन स्थित विकलांग जन विकास विभाग में तैनात एक कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़ा गया था।