मदनपुर थाने में जले हुए असलहों की जांच हुई।
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मदनपुर थाना जलाने के दौरान उपद्रवियों ने जमकर फायरिंग भी की। पुलिस के लूटे असलहों और लाइसेंसी बंदूकों से फायरिंग कर उन्होंने थाना परिसर को दो घंटे तक अपने कब्जे में रखा। अब पुलिस कस्बे के लाइसेंसी असलहों के निरस्तीकरण की तैयारी में जुटा है। पुलिस और प्रशासन ने रविवार को लाइसेंसी असलहों का रिकॉर्ड खंगाला।
मदनपुर कस्बे में अब तक 119 लोगों ने असलहा रखने की लाइसेंस बनवा रखी है। इनमें से वर्तमान समय में छह लोगों ने थाने में असलहा जमा कर रखा है। चार जनवरी को मदनपुर थाना फूंकने के दौरान कई युवक असलहा लेकर थाने में घुसे थे। बोतलों में पेट्रोल लेकर थाना जलाने के बाद उन्होंने जमकर फायरिंग की। इस दौरान कुछ उन्मादी युवक थाने का मालखाना तोड़ कर बंदूकें निकाल लिए। उन्होंने पुलिस की बंदूकों से फायरिंग की। मालखाने से गायब असलहे और गोलियों की तलाश में पुलिस लगी है।
कुछ उपद्रवी युवकों ने थाने से लूटी हुई बंदूकों के साथ फोटो भी वायरल की थी। पुलिस बंदूक के साथ फोटो में दिखने वाले युवकों को अब तक नहीं गिरफ्तार कर पाई है। कुछ लोगों ने बंदूक लिए युवक को एक पार्टी का नेता बताया। इससे पहले भी मदनपुर में दो गुटों में बटे लोग असलहा लेकर प्रदर्शन कर चुके है। इस बार थाना में आगजनी और लूट के बाद पुलिस कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती। वह लाइसेंसी असलहों को निरस्त कराने की तैयारी में लग गई है। इस बाबत सीओ एनके सिंह ने कहा कि कस्बे के लाइसेंसी असलहों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। लाइसेंसधारकों को नोटिस भेजने के बाद कार्रवाई की जाएगी।