देवरिया। सराफ लूटकांड में फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश मृत्युंजय सिंह ने पुलिस को चकमा देकर बुधवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। महीने भर से उसकी तलाश में जुटी कोतवाली पुलिस हाथ मलती रही। पुलिस यह कह संतोष कर रही है कि पुलिस के दबाव से ही उसने सरेंडर किया है।
शहर के आर्य समाज गली में चार जनवरी की देर शाम बदमाशों ने सराफ रोशन वर्मा उर्फ बन्नू को गोली मारकर गहने और लाइसेंसी पिस्टल लूट लिया था। हालांकि बदमाशों ने रेलवे मालगोदाम के पास गहने फेंक दिया था। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने रामगुलाम टोले के अविनाश श्रीवास्तव, अगया गांव निवासी रोडवेज कंडक्टर संतोष सिंह और भीखमपुर रोड के ओमप्रकाश मद्धेशिया को सात जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उनके पास से लाइसेंसी पिस्टल बरामद कर लिया गया था। इस मामले के मास्टरमाइंड पुरवां के रहने वाले चंद्रशेखर यादव और बगहा मठिया गांव निवासी मृत्युंजय सिंह पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। कुछ दिन पूर्व पुलिस को चकमा देकर चंद्रशेखर यादव कोर्ट में हाजिर हो गया था। बुधवार को फरार चल रहे मृत्युंजय सिंह ने भी पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में समर्पण कर दिया। सीजेएम न्यायालय से उसे जेल भेज दिया गया। सदर कोतवाल विजय नारायण प्रसाद का कहना है कि सराफ लूटकांड के आरोपी मृत्युंजय सिंह ने कोर्ट में समर्पण कर दिया है। काफी दिन से उसकी तलाश की जा रही थी।