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अपहृत किशोरी की हत्या, शव घर के पास फेंका

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छाया उर्फ वर्षा फोटो फाइल - फोटो : अमर उजाला
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भटनी (देवरिया)। मोतीपुर भुवाल गांव में शुक्रवार शाम दो युवकों ने एक किशोरी का अपहरण कर हत्या कर दी। पुलिस को देख शव को देर रात घर के पास फेंक कर भाग गए। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने एक एंबुलेंस चालक को पकड़ लिया है। किशोरी के पिता की तहरीर पर पुलिस ने लार कस्बे के एक युवक और एक अज्ञात पर केस दर्ज किया है।
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भटनी थाना क्षेत्र के मोतीपुर भुवाल गांव के रुदल सिंह की 17 वर्षीय बेटी छाया उर्फ वर्षा शुक्रवार शाम पड़ोस में जाने की बात कह कर घर से निकली। काफी देर तक वापस नहीं आने पर परिजनों ने उसके मोबाइल पर फोन किया तो फोन किसी दूसरे ने उठाया। बेटी के बारे में पूछने पर मोबाइल को स्विच ऑफ कर दिया। परिजन परेशान हो गए और बेटी को खोजने लगे। शक होने पर किशोरी के चचेरे भाई ऋषिकेश सिंह ने लार कस्बे के मनीष गोड़ के मोबाइल पर फोन किया और बहन को लौटाने को कहा। रात करीब नौ बजे मनीष ने ऋषिकेश के मोबाइल पर फोन कर बताया कि उसकी बहन की मौत हो चुकी है और उसका शव लेकर वह एंबुलेंस से घर आ रहा है। डेढ़ घंटे बाद उसने मोबाइल पर मैसेज किया कि शव को गांव की सड़क के किनारे रख दिया है। इसी बीच आसपास के लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर परिजन पहुंचे तो देखा कि किशोरी के हाथ में इंट्राकैथ लगा है और उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने इसकी सूचना भटनी पुलिस को दी। पुलिस ने घेराबंदी कर मिश्रौली दीक्षित गांव के पास एंबुलेंस व उसके चालक को पकड़ लिया लेकिन आरोपी युवक गाड़ी से कूदकर भाग गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस एंबुलेंस चालक से पूछताछ कर रही है।

फोटो के लिए युवक कर रहा था ब्लैकमेल
हत्या आरोपी मनीष गोड़ का मोतीपुर भुवाल में ननिहाल है। एक साल पहले एक शादी में उसकी छाया उर्फ वर्षा से मुलाकात हुई। इसके बाद दोनों का मेलजोल बढ़ गया। करीब छह माह पूर्व एक कार्यक्रम में मनीष ने छाया की कुछ फोटो मोबाइल में कैद कर ली। मेलजोल की जानकारी होने पर परिजनों ने छाया को समझाया तो उसने मनीष से संपर्क बंद कर दिया। इसके बाद मनीष उसकी फोटो परिजनों को दिखाने के नाम पर ब्लैकमेल करने लगा। करीब दो महीने पूर्व मनीष ने फोटो वापस करने के लिए छाया को बुलाया और उसे लेकर बनारस चला गया। परिजनों के काफी प्रयास के बाद उसे देवरिया रेलवे स्टेशन पर छोड़कर भाग गया। वापस आने पर किशोरी ने फोटो के बारे में परिजनों को बताया था। शुक्रवार दोपहर पड़ोसी के घर जाने की बात कह वह घर से निकली और देर रात उसका शव मिला।
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एंबुलेंस चालक से जानकारी लेने में जुटी पुलिस
शुक्रवार रात पकड़े गए एंबुलेंस चालक ने बताया कि दो लोग कनपटी पर तमंचा रख कर उसे लाए और शव सड़क के किनारे फेंक पुलिस को देखकर भाग गए। वहीं शनिवार सुबह उसने बताया कि जिला अस्पताल के इमरजेंसी के पास दो युवक उसके पास आए और शव को भाटपाररानी ले जाने की बात कही। 1300 रुपये में किराया तय होने के बाद वे दोनों शव लेकर एंबुलेंस में सवार हो गए। सलेमपुर में एक युवक एंबुलेंस से उतर गया। जबकि दूसरा शव फेंकने के बाद पुलिस को देख चलती गाड़ी से कूद गया। पुलिस चालक से घटना की सही जानकारी करने में जुटी है।

तो कैसे हुई किशोरी की मौत
मौत के बाद किशोरी के शरीर पर कहीं चोट के निशान नहीं थे। उसके हाथ में इंट्राकैथ लगा था। चालक की माने तो किशोरी का शव दोनों आरोपी जिला अस्पताल से लेकर आए। जिला अस्पताल में संदिग्ध मौत होने पर कर्मचारी इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को देते हैं। परिजनों की माने तो वह बीमार नहीं थी। तो फिर उसकी मौत कैसे हुई लोग इसी पर चर्चा करते रहे।
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