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घाघरा में पलटी नांव, दस लोगों के डूबने की आशंका

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बरहज में नाव पलटने के बाद तट पर नाव छोड़कर भागे मछुआरे - फोटो : अमर उजाला
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बरहज (देवरिया)। तेज हवा के झोंके से घाघरा नदी में छोटी नाव पलटने से दस लोग डूबने लगे। सात लोगों की जान मछुआरों ने बचा ली। हादसे के करीब 45 मिनट बाद पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने मछुआरों के मदद से डूबे लोगों की तलाश शुरू कराई। पानी के बहाव का रुख देखते हुए प्रशासन ने मईल और भागलपुर में भी जाल डलवाया लेकिन सफलता नहीं मिली। देर शाम तक गोताखोर नदी में लापता लोगों की तलाश करते रहे।
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घाघरा नदी उस पार देवार और मऊ जिले में जाने के लिए पीपे का पुल बना है। शुक्रवार की शाम को अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से पीपा पुल का एक पाया धंस गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुल से आवागमन रोक दिया और एक नाव चलाने की व्यवस्था की। लेकिन लोगों की आवाजाही अधिक होने के कारण स्थानीय मछुआरे भी अपनी छोटी नाव चलाने लगे। शनिवार को दिन में करीब 11.30 बजे नदी पार से बरहज आने के लिए तपसी मल्लाह की छोटी नाव में परसिया, विशुनपुरा और मऊ जिले के दस लोग सवार हुए। नाव पर छह साइकिल और चार बाल्टी दूध भी था। नाव जब बीच नदी में पहुंची और हवा का तेज झोंका आया तो पलट गई। वहां मछली का शिकार कर रहे मछुआरों ने मऊ जिले के मधुबन थाना क्षेत्र के बहोर निवासी अमीर चंद्र 50, उनकी पत्नी शारदा देवी 48, मूलचंद्र, सुशीला देवी, जगई 50 परसिया देवार, शिवनरायण 49, देवरिया के भरौटा गांव निवासी रामछबिला की जान बचा ली। वहीं बरियारपुर गांव निवासी राधेश्याम मद्देशिया समेत दो लोगों के डूबने की आशंका जताई जा रही है। लेकिन प्रशासन सिर्फ राधेश्याम के डूबने का दावा कर रहा है। मौके पर पहुंचे डीएम सुजीत कुमार, एसपी रोहन पी कनय, विधायक सुरेश तिवारी, एसडीएम अरुण कुमार सिंह, सपा नेता पीडी तिवारी, नायब तहसीलदार सुनीता तिवारी ने घटना की जानकारी ली और देर शाम तक जमे रहे। डीएम सुजीत कुमार ने बताया कि नाविक पुलिस हिरासत में है। उसके अनुसार नाव पर नौ लोग ही सवार थे, इसमें सिर्फ एक व्यक्ति डूबा है। उसकी तलाश की जा रही है। नदी में अनाधिकृत रूप से नाव चला रहा था। नाविक के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।
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