रजला स्थित वृद्ध आश्रम में बंद पडा ताला।
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देवरिया। मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान की देखरेख में शहर से सटे रजला गांव में संचालित वृद्धाश्रम का अनुबंध खत्म कर दिया गया है। यहां रह रहे 24 में से 23 बुजुर्गों को कसया (कुशीनगर) स्थित संस्था में शिफ्ट कर दिया गया है। एक वृद्ध की तबीयत बिगड़ने के कारण उसे अस्पताल भेजा गया। उपचार के बाद उसे भी कसया भेजा जाएगा। समाज कल्याण अधिकारी के निर्देशन में कार्रवाई की गई।
मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान के अंतर्गत बालगृह बालिका के साथ रजला में 150 वृद्धजनों की क्षमता वाला वृद्धाश्रम का भी संचालन होता है। एक वर्ष पूर्व शुरू हुई इस संस्था में फिलहाल 24 वृद्ध रखे गए थे। अनैतिक गतिविधियों के संचालन के सामने आने के बाद संचालिका गिरिजा त्रिपाठी सहित संस्था से जुड़े अन्य सदस्यों के पुलिस हिरासत में लिए जाने से इसका संचालन व वृद्धजनों की देखरेख प्रभावित हो रही है। संचालकों के जेल जाने के बाद आश्रम में तैनात कर्मचारी वृद्धजनों को छोड़कर भाग गए हैं। निदेशक समाज कल्याण जगदीश ने पत्र जारी कर समाज कल्याण अधिकारी को वृद्धाश्रम का अनुबंध खत्म करते हुए आश्रम के वृद्धों को नजदीकी कसया में संचालित वृद्धाश्रम में रखने का निर्देश दिया था। इसके अनुपालन में बुधवार की सुबह समाज कल्याण अधिकारी के नेतृत्व में अफसरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर वृद्धाश्रम को खाली कराया। समाज कल्याण अधिकारी दीनानाथ शुक्ल ने बताया कि आश्रम में तीन पुरुष और 21 महिला वृद्धजन रह रहे थे। इन्हें कुशीनगर स्थित वृद्धाश्रम में स्थानांतरित कर दिया। आश्रम में उपलब्ध सामग्री देखरेख में जब्त कर लिया।
मुझे कानपुर पहुंचाओ, और कहीं नहीं जाएंगे
वृद्धाश्रम में रह रही वृद्धों को हटाने में अफसरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। वृद्ध सहजता से जाने को तैयार नहीं थे। तरह-तरह के सवाल करते रहे। एक महिला कह रही थी कि उसका घर कानपुर में है, उसे वहीं पहुंचाया जाए और कहीं नहीं जाएंगे। एक अन्य महिला आश्रम के आसपास की संपत्ति को अपना बताते हुए वहां से हटाने पर नाराजगी जताती रही। एक महिला टीम में शामिल दो कर्मचारियों को अपना बेटा बताते हुए परेशान करने की बात कही। सभी को बमुश्किल वाहन में सवार कर कुशीनगर भेजा गया।