एकौना। जगतमांझा गांव के रहने वाले एक चौकीदार ने रविवार की शाम एकौना थाने में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। 18 मार्च की शाम करीब पांच बजे चौकीदार अपने लाल साफे से थाना परिसर के निर्माणधीन भवन में फंदा बनाकर लटक गया। घटना की जानकारी पुलिस को रात करीब आठ बजे हुई। चौकीदार की मौत से थाने में खलबली मच गई। पुलिस के अनुसार वह पत्नी की मौत और बीमारी को लेकर अवसाद में था।
जगत मांझा निवासी शंकर यादव (70) एकौना थाने में चौकीदार थे। वह रविवार की सुबह थाने पर ड्यूटी करने साइकिल से आए थे। शाम करीब पांच बजे थाने के मुंशी से तबीयत खराब होने की बात कह कर घर जाने लगे। लेकिन इस बीच मेस के पास साइकिल खड़ाकर बगल में निर्माणाधीन बैरक में चले गए। वहां पर स्थित लोहे की राड में अपनी लाल पगड़ी का फंदा बनाकर लटक गए। रात करीब आठ बजे कुत्तों के भौकने से एक सिपाही निर्माणाधीन बैरक में झांककर देखा तो चौकीदार का शव लटक रहा था। यह देख थाने के सिपाहियों के होश उड़ गए। उन्होंने घटना की सूचना थाना प्रभारी को दी। थाना प्रभारी ने शव को फंदे से उतरवा कर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए देवरिया भेजा। थानाध्यक्ष रवींद्र कुमार रवि ने बताया कि चौकीदार की दो माह से तबीयत खराब चल रही थी। उसे टाइफाइड बुखार था। दो वर्ष पहले पत्नी की भी मौत हो चुकी थी। बीमारी और पत्नी की मौत से अवसाद में थे। इसके कारण उसने आत्महत्या की होगी। शंकर के तीन लड़के रामदल यादव (45), संतोष यादव (43), नंदन यादव (35) हैं। सभी की शादी हो चुकी हैं।