गौरीबाजार। थानाक्षेत्र के धनौती गांव में पुराने कब्रिस्तान को लेकर उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार की सुबह कब्रिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय के मृत दो लोगों का शव दफन करने गए लोगों को दूसरे समुदाय के लोगों ने रोक दिया। इससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक ने लोगों को समझाबुझाकर मामला शांत कराया। एहतियात के तौर पर गांव में पीएसी तैनात कर दी गई है।
धनौती गांव में पुराने कब्रिस्तान को लेकर दो पक्षों में कई वर्ष से विवाद चला रहा है। इसके निस्तारण की जिम्मेदारी उप जिलाधिकारी सदर को सौंपी गई है लेकिन अभी तक मामले का निस्तारण नहीं हो सका है। इसके चलते गांव की स्थिति लगातार तनावपूर्ण चल रही है। बृहस्पतिवार को भी ऐसा ही हुआ जब गांव के रऊफ अंसारी 65 और 12 वर्षीय साहिल अंसारी पुत्र लालू की लंबी बीमारी के पश्चात आकस्मिक मौत हो गई। समुदाय के लोग दोनों के शव को दफनाने के लिए सुबह कब्रिस्तान पहुंचकर खुदाई करने लगे। आरोप है कि इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडे के साथ पहुंचकर रोक दिया और गांव के दूसरे कब्रिस्तान में शव को दफनाने की बात कहने लगे। दूसरे पक्ष के लोग अपनी जिद पर अड़े रहे। सूचना गांव वालों ने डायल-100 पर दी। दो समुदायों के बीच विवाद की सूचना पर जिलाधिकारी सुजीत कुमार, एसडीएम सदर राकेश सिंह, पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय, गौरीबाजार, रुद्रपुर, एकौना, रामपुर कारखाना, सदर कोतवाली सहित कई थानों की पुलिस गांव पहुंची। राजस्व टीम के लोग भी गांव में पहुंचे। ग्राम प्रधान का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच इस पुराने विवाद के समाधान के प्रति प्रशासन उदासीन है। बार-बार दोनों पक्षों के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। प्रशासन के काफी समझाने के पश्चात दोनों शवों को गांव के पुराने कब्रिस्तान में दफन कर दिया गया। गांव में शांति व्यवस्था कायम करने के लिए पीएसी तैनात कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है।