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सड़क पर छात्र का शव रखकर ग्रामीणों ने लगाया जाम

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गांव वालो ने सडक जाम कर विरोध जताया। - फोटो : अमर उजाला
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रामपुर कारखाना। पॉलीटेक्निक छात्र के सुसाइड के मामले में कॉलेज प्रशासन व सीनियर्स पर मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर सिरसिया नंबर एक के ग्रामीणों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। कानपुर से शव घर आते ही नाराज ग्रामीण सड़क पर आ गए। देवरिया-कसया मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब डेढ़ घंटे तक जाम के दौरान पहुंचे पुलिस के अफसरों से ग्रामीणों की बहस भी हुई। बाद में एसडीएम, सीओ के कड़े रुख अपनाने और कार्रवाई के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ।
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सिरसिया नंबर एक निवासी मुन्ना शर्मा का बेटा अभिषेक कानपुर के राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में प्रथम वर्ष का छात्र था। कॉलेज के ही विश्वेसरैया हॉस्टल में रहकर वह पढ़ाई करता था। रविवार को उसने हॉस्टल के बाथरूम में सुसाइड कर लिया। परिजनों का आरोप है कि सीनियर छात्रों की रैगिंग से आहत होकर अभिषेक ने यह कदम उठाया। सूचना के बाद पहुंचे पिता से कॉलेज प्रशासन ने जबरन सादे कागज पर दस्तखत करा लिया। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार की सुबह शव घर पहुंचने के बाद ग्रामीणों को पूरे मामले की जानकारी हुई। नाराज ग्रामीणों ने गांव के चौराहे पर शव रखकर देवरिया-कसया मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीण कॉलेज प्रशासन व रैगिंग करने वाले सीनियर्स पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग पर अड़े हुए थे। सूचना पाकर एसडीएम सदर रामकेश यादव व सीओ वरुण मिश्रा फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम और सीओ ने कॉलेज प्रशासन पर मुकदमा दर्ज करने का शिकायती पत्र लेकर जाम समाप्त कराया। इसके बाद शव को दाह संस्कार के लिए पटनवा पुल स्थित छोटी गंडक नदी किनारे ले जाया गया। दाह संस्कार के दौरान इंस्पेक्टर अजय ओझा मय फोर्स मौजूद रहे।

ऐसी पढ़ाई से अच्छा था, घर बैठता लाल...
छात्र का शव जाम स्थल से उठाए जाते ही परिजनों समेत उपस्थित महिलाएं चित्कार कर उठीं। छात्र की मां ममता देवी तो मूर्छित होकर सड़क पर ही गिर पड़ीं। दादा विदेशी ठाकुर और छोटा भाई अंकित दहाड़े मार कर रोने लगे। परिजनों का करुण क्रंदन देख कर सांत्वना दे रहे ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। मां सबसे चीख-चीख कर यही कह रही थीं कि इस प्रकार की पढ़ाई में ऐसे जान चली जाएगी तो मैं अपने बेटे को पढ़ने के लिए नहीं भेजती। मां का यह सवाल सुनकर जाम स्थल पर मौजूद दर्जनों महिलाएं रोने लगीं।
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