देवरिया। डीआईजी जेल शुक्रवार की शाम जिला कारागार का निरीक्षण करने पहुंचे। उनके पहुंचते ही जेल में खलबली मच गई। डीआईजी ने जेल में बंदियों के पास मिलने वाले मोबाइल और अवैध सामान के मामले में बंदियों के बयान दर्ज किए। साथ ही बंदियों के बैरकों और कार्यालय के रिकार्ड की जांच की।
फरवरी माह में जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय ने कारागार में गहन चेकिंग कराई थी। इस दौरान चार दर्जन से अधिक मोबाइल बरामद हुए थे। इसकी भनक जिला प्रशासन को लगी तो डीएम और एसपी ने अचानक जिला कारागार में छापेमारी की। इसमें एक बंदी के पास से मोबाइल और पूर्व सांसद के कमरे से डायरी समेत कई संदिग्ध सामान बरामद हुए थे। डीएम ने मोबाइल और सामान मिलने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने जेल प्रशासन को मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया था। साथ ही इसकी जानकारी आलाधिकारियों को दी थी। इस पर डीआईजी जेल याग्वेंद्र शुक्ल को मोबाइल और संदिग्ध सामान मिलने की जांच सौंपी गई थी। डीआईजी जेल शुक्रवार को जिला कारागार पहुंच कर उन बंदियों का बयान लिया, जिनके पास से मोबाइल और अन्य संदिग्ध सामान मिला था। अधिकारी ने बंदियों से मोबाइल के बारे में पूछताछ की। इसके बाद उन्होंने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी से भी इसके बारे में पूछा।