देवरिया। नियुक्ति में धांधली व कागजों में हेरफेर कर वेतन भुगतान के मामले में सलेमपुर के जनक लघु माध्यमिक विद्यालय के प्रबंधक-प्रधानाचार्य समेत 14 के खिलाफ सोमवार की रात जालसाजी व गबन का मुकदमा दर्ज कराया गया। बीएसए संतोष कुमार देव पांडेय की तहरीर पर रात 8 बजे सलेमपुर कोतवाली पुलिस ने संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की। एडी बेसिक ने जांच के बाद जुलाई में ही सभी के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए बीएसए को निर्देशित किया था। बावजूद केस दर्ज कराने में बीएसए को डेढ़ माह लग गए।
सलेमपुर के पकड़ी धनपुरवा में संचालित जनक लघु माध्यमिक विद्यालय में वर्ष 2015 में शिक्षक के विभिन्न पदों पर नियुक्तियां हुई थी। आरोप था कि नियुक्तियां में जमकर धांधली हुई है। प्रबंध तंत्र ने बैक डेट में विज्ञापन प्रकाशित कराने के पहले ही नियुक्तियां कर ली और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर वेतन का भुगतान भी कर दिया गया। एडी बेसिक जगदीश सिंह ने जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि करते हुए विद्यालय के प्रबंधक, प्रधानाचार्य समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज कराने का निर्देश दिया था। जुलाई में जारी इस आदेश के बावजूद बेसिक शिक्षा विभाग के जिले के अफसर टालमटोल करते रहे। उच्चाधिकारियों के सख्त रूख के बाद बीएसए संतोष कुमार देव पांडेय ने सोमवार की देर शाम थाने में तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने प्रबंधक-प्रधानाचार्य समेत 14 लोगों के खिलाफ जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, सरकारी धन के गबन सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया।
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इन पर दर्ज हुआ केस
बीएसए की तहरीर के आधार पर पुलिस ने जनक लघु माध्यमिक विद्यालय के प्रबंधक जनक देव राय, प्रधानाचार्य प्रेमलता, सहायक अध्यापक संतोष गौड़, कृष्ण गोपाल, फिरदौस फातमा, प्रियंका उपाध्याय, अपर्णा सिन्हा, अमित कुमार सिंह, धर्मेंद्र कुमार यादव, नमन प्रजापति, सुमन जायसवाल, श्रुति भारद्वाज, ब्रह्मानंद तिवारी, इंद्रेश तिवारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया।