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शादी से एक दिन पहले चचेरे भाई समेत युवक की मौत

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शादी से एक दिन पहले चचेरे भाई समेत दूल्हे की मौत
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देवरिया-कसया मार्ग पर पुरुषोत्तमपुर चौराहे के पास हुआ हादसा
बाइक सवार तीसरे साथी का मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर कारखाना। शादी से एक दिन पहले युवक की चचेरे भाई समेत सड़क हादसे में मौत हो गई। घटना देवरिया-कसया मार्ग पर पुरुषोत्तमपुर चौराहे के पास गुरुवार की देर शाम हुआ। बाइक सवार युवक बेकाबू बस की चपेट में आ गए थे। हादसे में उनका एक अन्य साथी भी बुरी तरह जख्मी हुआ है। मेडिकल कॉलेज में उसका इलाज चल रहा है। बस चालक भागने में सफल रहा।
पुरुषोत्तमपुर गांव निवासी सुभाष कन्नौजिया के दूसरे बेटे राजू (21) की 26 जनवरी को शादी थी। 23 को तिलकोत्सव हुआ था। गुरुवार की शाम वह अपने चचेरे भाई सन्नी (17) और दोस्त हिरंदापुर निवासी रामबदन (21) के साथ खरीदारी के लिए रामपुर कारखाना आया था। देर शाम तीनों एक ही बाइक से वापस लौट रहे थे। बाइक राजू चला रहा था। पुरुषोत्तमपुर चौराहे के पास विपरीत दिशा से आ रही तेज रफ्तार बस ने बाइक को चपेट में ले लिया। हादसे में बाइक सवार तीनों युवक गंभीर रुप से घायल हो गए। आसपास के लोगों की मदद से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्रारंभिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। शुक्रवार की भोर में राजू की मौत हो गई। इसके कुछ घंटे बाद सन्नी ने भी दम तोड़ दिया। रामबदन की हालत भी गंभीर बनी हुई है। दो भाइयों के मौत की खबर मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। एसओ विनय सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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जानी थी बारात, घर से निकली अर्थी

चचेरे भाइयों की मौत से मातम में बदली शादी की खुशियां
संदीप श्रीवास्तव
रामपुर कारखाना। नाते-रिश्तेदार शादी की तैयारियों में जुटे थे। वह जिस युवक की बारात में शामिल होने आए थे, उसी की अर्थी को कंधे पर उठा रहे थे। बहते आंसू और सिसकियों के बीच लाड़ले को अंतिम विदाई दे रहा हर कोई बेसुध था। उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि ऐसा भी दिन देखना होगा। सुभाष कन्नौजिया के तीन बेटों में राजू दूसरे नंबर पर था। वह गुजरात में रहकर काम करता था। बड़ा भाई संजय (25) और दिलीप (15) घर पर ही रहते हैं। पिता भी यहीं खेती-बारी करते हैं। राजू अपनी शादी के लिए ही छुट्टी लेकर घर आया था। बुधवार को तिलकोत्सव के बाद वह बाजार में खरीदारी के लिए घर से निकला था। लोग उसके वापस लौटने की प्रतीक्षा कर रहे थे, तभी अचानक हादसे की खबर पहुंच गई। जो जैसे था, वैसे ही घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा। रातभर दुआओं का दौर चलता रहा, लेकिन अंतत: भोर में राजू की जिंदगी की जंग हार गया। शादी से पहले मौत के आगोश में समाने की खबर लोगों को अंदर तक बेध रही थी। मां किशुनी देवी, बड़ी बहन शशिकला सहित पिता, भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल था। मौके पर पहुंचे एसओ विनय सिंह को देखते ही परिजन उनसे लिपट गए। परिजनों का करुण क्रंदन देख एसओ की भी आंखें छलक आईं। उधर, चचेरा भाई सन्नी इंटर कॉलेज डुमरी में 12वीं का छात्र था। पिता राजेंद्र प्रसाद की तीन संतानों में वह सबसे बड़ा था। छोटी बहन प्रीति (13) व भाई आदर्श (9) हैं। मां विमला देवी व अन्य परिजन बेटे की मौत से बदहवास थे। उनकी पीड़ा देख हर किसी की आंखें डबडबा रही थी।
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हेलमेट होता तो बच जाती जान
आए दिन हो रहे सड़क हादसों के बाद भी लोग हेलमेट की उपयोगिता के प्रति सजग नहीं हो रहे। गुरुवार को भी पुरुषोत्तमपुर चौराहे पर हुए हादसे में हेलमेट नहीं होना बड़ी अनहोनी का कारण बना। बताते हैं कि बाइक सवार किसी युवक ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। अगर हेलमेट होता तो उनकी जान बच सकती थी।
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