पकड़े गए टिकट दलाल के साथ सीआईबी टीम
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भटनी। आईआरसीटीसी का फर्जी सॉफ्टवेयर बेचने वाले मुख्य आरोपी को सीआईबी टीम ने नवलपुर चौराहे से रविवार को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 67 टिकट और करीब डेढ़ लाख रुपये नकद बरामद किया गया। 14 फरवरी को देवरिया से एक दुकानदार की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में उसका नाम सामने आया था।
सीआईबी भटनी के प्रभारी संजय राय और आरपीएफ देवरिया के उप निरीक्षक अबू फरहान गफ्फार ने पूर्व में टिकट दलाली के संबंध में दर्ज मुकदमे में सॉफ्टवेयर बेचने वाले एक आरोपी को नवलपुर तिराहे से गिरफ्तार किया। वह लार इलाके का बताया जा रहा है। टीम के मुताबिक उसके पास से आईआरसीटीसी यूजर आईडी पर बनाए गए 67 तत्काल के टिकट मिले। इसकी कीमत 144728 रुपये है। इसके अलावा उसके पास से डेढ़ लाख रुपये नकद बरामद किया गया। पकड़े गए शख्स ने बताया कि गलत नाम पता से आईआरसीटीसी पर फर्जी आईडी बनाकर प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर पर एएनएमएस के जरिए ई-टिकट बनाने और बेचने का काम कर रहा था। उसने बताया कि दो साल से प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर बेचता है। सॉफ्टवेयर का लिंक ऑनलाइन 1100-1200 रुपये में खरीद कर टिकट बनाने वाले दुकानदारों को 300-400 रुपये अधिक लेकर बेचा जाता था। इसकी मदद से दुकानदार तत्काल टिकट बनाते और बेचते हैं। पूछताछ में प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर बेचने वाले कई संदिग्धों के नाम प्रकाश में आए हैं। उनके विरुद्ध जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। सॉफ्टवेयर बेचने वाले दलाल पैसे का लेनदेन गूगल पे, पेटीएम आदि से ऑनलाइन करते हैं, जिससे वे पकड़े न जा सकें। गिरोह के सदस्य पूरे देश में फैले हैं।