ला अस्पताल के इमरजेंसी में शुक्रवार की रात को हुए बवाल को लेकर चिकित्सको ने प्रदर्शन कर विरोध जताया।
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देवरिया। भटवलिया चौराहे पर शुक्रवार की देर रात सड़क हादसे में लेखपाल की मौत के बाद गुस्साए लोगों ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया। रात में इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर-कर्मचारियों से दुर्व्यवहार करते हुए तोड़फोड़ भी की। घटना से गुस्साए डॉक्टर-कर्मचारी शनिवार सुबह हड़ताल पर चले गए। शनिवार को जिला अस्पताल में इमरजेंसी व ओपीडी की सेवाएं ठप कर दीं। विरोध प्रदर्शन करते हुए सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया। डीएम के आवास पर भी जाकर घटना के प्रति नाराजगी जताई। डीएम ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब दोपहर बाद करीब तीन बजे से इमरजेंसी सेवा बहाल हुई। हड़ताल से अस्पताल आए मरीजों को काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ीं।
उमानगर निवासी कृष्ण कन्हैया चौबे (48) बरहज तहसील में लेखपाल पद पर कार्यरत थे। शुक्रवार रात करीब 9.30 बजे एक शादी समारोह में शामिल होकर बाइक से घर लौट रहे थे। भटवलिया चौराहे के पास सलेमपुर की तरफ जा रहे ट्रक की चपेट में आ गए। आनन-फानन में आसपास के लोगों ने एंबुलेंस से उन्हें अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पाकर परिजन और अन्य लोग भी अस्पताल पहुंच गए।
लेखपाल की मौत से नाराज लोग डॉक्टर पर इलाज में देरी का आरोप लगाते हुए उलझ गए और तोड़फोड़ करने लगे। आरोप है कि विरोध करने पर इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉ. नागेंद्र कुमार, फार्मासिस्ट एमए सिद्दीकी, वार्ड ब्वॉय संजय सिंह की पिटाई भी की गई। बवाल की सूचना पर कई थानों की पुलिस और डीएम, सीएमओ, एसडीएम भी मौके पर पहुंचे। नाराज लोगों ने पुलिस के सामने भी एक घंटे तक उपद्रव मचाया। लेखपाल की मौत से बदहवास बेटी सीएमओ से उलझ गई। डीएम और सीएमओ की मौजूदगी में रात में ही शव का पोस्टमार्टम हुआ। इधर, बवाल से नाराज डॉक्टर-कर्मचारियों को डीएम सुजीत कुमार व एएसपी गणेश साहा ने कार्रवाई करने और अस्पताल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद शनिवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी सेवा शुरू हुई।
लेखपाल की मौत हो चुकी थी। बेवजह लोगों ने बवाल किया। पुलिस के सामने घटनाएं हुई, लेकिन वह मूकदर्शक बनी रही। डीएम के आश्वासन पर इमरजेंसी सेवा बहाल कर दी गई है। - डॉ. छोटेलाल, सीएमएस