देवरिया/गौरीबाजार। चरियांव बुजुर्ग गांव में लगी आग को बुझाने के प्रयास में झुलसे एक वृद्ध की जिला अस्पताल में मौत हो गई। आग में झुलसी पड़िया भी मर गई। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड और गांववालों ने कड़ी मशक्कत कर तीन घंटे में आग बुझाई। इसके बाद भी सैकड़ों एकड़ गेहूं का डंठल और दो एकड़ गन्ने की फसल जल गई।
गांववालों के अनुसार सोमवार को दोपहर मोहन मठ और कतौरा गांव की सीमा में अज्ञात कारणों से आग लग गई। तेज पछुआ हवा के प्रभाव से आग फैलते हुए करीब एक किमी दूर चरियांव बुजुर्ग की सीमा तक जा पहुंची। कंबाइन मशीन से कटाई के बाद भूसा बनाने के लिए खेतों में छोड़ा गया डंठल धू-धूकर जलने लगा। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड और गांववालों ने तीन घंटे के प्रयास की बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान कतौरा गांव निवासी लल्लन राय की दो एकड़ गन्ने की फसल और कुछ किसानों के खेतों में मड़ाई के लिए रखा सैकड़ों बोझ गेहूं जल गया। एक किसान के दरवाजे पर बंधी पड़िया की झुलसकर मौत हो गई। आग बुझाने की कोशिश में चरियांव बुजुर्ग गांव निवासी 60 वर्षीय बलिकरन यादव गंभीर रूप से झुलस गए थे। परिवार और गांव के लोग उन्हें जिला अस्पताल लाए। यहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। कई अन्य लोग मामूली रूप से झुलसे हैं। सभी का उपचार कराया जा रहा है। थाना प्रभारी अरुण मौर्य ने बताया कि चरियांव बुजुर्ग में आग से झुलसने से किसान की मौत हो गई है। वहीं, देवरिया कलेक्ट्रेट परिसर में स्टांप वेंडर की गुमटी में सोमवार की भोर में आग लग गई। इससे उसने रखा नकदी, स्टांप पेपर और अन्य सामान जलकर राख हो गया। पीड़ित ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। सीसी रोड, हनुमान मंदिर के रहने वाले विकास कुमार गुप्त पुत्र दुर्गा प्रसाद गुप्त कलेक्ट्रेट में स्टांप वेंडर का काम करते थे। उन्होंने बताया कि लगभग सवा लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
छप्पर जला, मवेशियों की मौत
देवरिया/पैकौली। सदर कोतवाली क्षेत्र के कोल्हुआ गांव में सोमवार की दोपहर आग से कई छप्पर जल गए। दर्जनों मवेशियों की मौत हो गई। एसडीएम सदर और तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पीड़ित परिवार को राहत सामग्री मुहैया कराने के निर्देश दिए। कोल्हुआ गांव में सोमवार की दोपहर एक परिवार में रिश्तेदार आए थे। परिवार के लोग झोपड़ी में उनके लिए नाश्ता बना रहे थे। उसी समय चूल्हे से निकली चिंगारी से आग लग गई। आसपास की दर्जनों झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। झोपड़ियों में बंधी दर्जनों बकरियां, गाय-बछड़े और मुर्गा गंभीर रूप से झुलस गए। इसमें से कई की मौत हो गई। गांव निवासी देबू, सलीम, जंगली, रुदल, राधे, सुग्रीव, निसार, रामध्यान, मुस्तफा, तस्सौवर, मनौव्वर के घर जलकर राख हो गए। घंटों तक चले आग के तांडव पर गांववालों ने पानी फेंककर काबूू किया। फायर ब्रिगेड के न पहुंचने से ग्रामीणों में गुस्सा है। एसडीएम सदर दिनेश मिश्र, तहसीलदार और गांव के लेखपाल पहुंचे।