गौरीबाजार पुलिस ने गायब राजन यादव को बरामद किया।
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गौरीबाजार। स्थानीय थाने में दस माह पूर्व जिस युवक के अपहरण के आरोप में चार लोगों पर केस दर्ज हुआ था। वह सोमवार को स्वत: घर लौट आया। पुलिस की जांच में अपहरण की कहानी झूठी निकली। मां ने बेची हुई जमीन हड़पने के लिए बेटे के अपहरण की कहानी रचते हुए खरीदारों पर केस दर्ज कराया था। अब पुलिस महिला पर ही कार्रवाई की तैयारी में है।
थानाक्षेत्र के गौरी बुजुर्ग निवासी चंद्रावती देवी पत्नी स्वर्गीय रामहर्ष यादव इसी साल तीन फरवरी को थाने में तहरीर देकर अपने मझले बेटे राजन यादव के अपहरण की बात कही थी। उसका कहना था कि बोलेरो सवार चार लोगों ने उसका अपहरण किया है। उसने यह भी आरोप लगाया था कि बेटे को शराब पिलाकर धोखे से उसके हिस्से की जमीन बैनामा करवा लिया गया है। पुलिस चारों आरोपियों के विरुद्ध अपहरण, धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच में जुटी थी। सोमवार की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि राजन यादव घर आया हुआ है। थानाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार सिंह, बैतालपुर चौकी इंचार्ज ओम प्रकाश यादव, संजय यादव के साथ मौके पर पहुंच कर राजन यादव को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में राजन ने अपहरण की बात से इनकार करते हुए बताया कि उसने स्वेच्छा से एक कट्ठा जमीन 1.50 लाख रुपये में बेच दी थी। जमीन बेचने के बाद वह नेपाल चला गया। वहां एक बस पर सोनौली से भैरहवां, बुटवल मार्ग पर कंडक्टर का काम कर रहा था। उसने बताया कि पिता की एक सड़क हादसे में 25 वर्ष पूर्व मौत हो गई। उनकी मौत के बाद मां ने दूसरी, फिर तीसरी शादी रचा ली। देवरिया में वह अपने पति के साथ रह रही है। उसने पुलिस को बताया कि उसकी मां ने अपहरण का झूठा मुकदमा इसलिए दर्ज कराया था कि दो-तीन साल तक वापस न लौटने पर नामजद आरोपी जेल चले जाएंगे और वह जमीन की मालिक हो जाएगी। थानाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अपहरण का झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।