देवरिया। रामपुर कारखाना थानाक्षेत्र के एक ईंट भट्ठे पर गुरुवार की रात धमके करीब छह बदमाशों ने लूट का विरोध करने पर एक मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश मौके से भाग निकले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया। मृतक झारखंड का निवासी था। भट्ठा मालिक ने पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
महुआडीह चौराहे के पास रामपुर दुबे गांव में नहर किनारे रामविलास तिवारी का ईंट भट्ठा है। किसी वजह से इस साल भट्ठा बंद है। भट्ठे पर कुछ मजदूर रहते हैं। गुरुवार रात करीब 11.30 बजे छह की संख्या में पहुंचे बदमाश मजदूरों के डेरे में घुसकर दरवाजा पीटने लगे। आवाज सुनकर चारो उरांव (20) बाहर निकला। उसने और लोगों के साथ लूटपाट होते देख अपना दरवाजा बंद करना चाहा। इतने में बदमाशों ने उसे पकड़ लिया। लूट के दौरान उससे छीनाझपटी हुई। इसी बीच एक बदमाश ने उसकी कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। घटनास्थल पर ही युवक की मौत हो गई।
मृतक चारो उरांव, एतवा उरांव थाना सेन्हा, जिला लोहरदग्गा, झारखंड का रहने वाला है। घटना के बाद भाग रहे बदमाश मजदूर विनोद का मोबाइल भी ले गए। चीख-पुकार सुनकर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची महुआडीह चौकी पुलिस ने रामपुर कारखाना एसओ को सूचना दी। भट्ठा मालिक रामविलास तिवारी की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में एसपी रोहन पी. कनय का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
एक बदमाश को पहचान लिया था, गंवानी पड़ी जान
देवरिया। रामपुर कारखाना थानाक्षेत्र स्थित रामपुर दुबे गांव में रामविलास तिवारी के ईंट भट्ठे पर गुरुवार की आधी रात लूटपाट कर रहे बदमाशों में से एक को चारो उरांव (20) ने पहचान लिया था। सूत्रों का कहना है कि इसीलिए लुटेरों ने उसे जान से मार दिया। इस बाबत प्रभारी निरीक्षक विजय नारायण का कहना है कि भट्ठा मालिक की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
वहीं, जिले के सुनसान-एकांत जगहों पर एक के बाद होने वाली वारदातों पर अंकुश लगाने में पुलिस नाकाम रही है। जिस भट्ठे पर मजदूर की गोली मारकर हत्या की गई, वह महुआडीह से खड़ाइच जाने वाली नहर के किनारे रामपुर दुबे गांव में सुनसान जगह पर है। कुछ ही दूरी पर एक और भट्ठा भी है, लेकिन इधर आम लोगों का आना-जाना बहुत कम होता है।
डेढ़ साल पहले हुई थी शादी
जान गंवाने वाले मजदूर चारो उरांव की शादी करीब डेढ़ साल पहले भट्ठे पर ही काम करने वाली प्रतिमा के साथ हुई थी। वह भी झारखंड की ही रहने वाली है। उसका एक साल का बेटा दीपक भी है। बेसहारा हुई प्रतिमा पर एक तरफ अपनी जिंदगी और दूसरी तरफ मासूम को पालने की बड़ी जिम्मेदारी आ गई है।