देवरिया। पीएचसी महेन के आयुष चिकित्सक श्रीप्रकाश गुप्त से रंगदारी मांगने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए एक बदमाश के पास से एक रिवाल्वर, दो कारतूस और दूसरे के पास से रुपये बरामद हुए है। खुखुंदू थानाक्षेत्र में हुई लूट की घटना को भी इन्हीं दोनों ने अंजाम दिया था।
पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में प्रेसवार्ता के दौरान एसपी रोहन पी कनय ने बताया कि भलुअनी की इंस्पेक्टर सरोज शर्मा, स्वाट टीम के प्रभारी अनिल यादव और खुखुंदू के इंस्पेक्टर मृत्युंजय पाठक भलुअनी के करौंदी चौराहे पर डॉक्टर श्रीप्रकाश गुप्त से रंगदारी मांगने के मामले की जांच कर रहे थे। उसी दौरान एक बाइक पर सवार दो लोग तेज गति से आ रहे थे। पुलिस ने रुकने का इशारा किया, तो दोनों भागने लगे। पुलिस टीम ने दौड़ाकर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में एक ने अपना नाम विवेक उर्फ पप्पू सिंह निवासी पतलापुर, खुखुंदू और दूसरे ने गोविंद यादव निवासी भरथुआ, खुखुंदू बताया। तलाशी में विवेक के पास से एक रिवाल्वर, दो कारतूस और 1900 रुपये मिले। गोविंद यादव के पास से 2300 रुपये मिले। बाइक के कागजात दोनों नहीं दिखा सके। दोनों ने डॉ. श्रीप्रकाश गुप्त से रंगदारी मांगने की बात भी कबूल की। विवेक ने बताया कि डॉक्टर को रोककर गोविंद यादव से बात कराकर रंगदारी मांगी गई थी। एसपी ने बताया कि कुछ दिन पूर्व दोनों ने खुखुुंदू इलाके के एक पेट्रोल पंप के पास से ट्रक चालक से पांच हजार रुपये, मोबाइल भी लूटे थे। विवेक पर खुखुंदू, सलेमपुर और भलुअनी थाने में मिलाकर सात मुकदमे दर्ज हैं।
इनसेट में-
क्लीनिक से लिया था डॉक्टर का नंबर
बदमाश विवेक उर्फ पप्पू सिंह ने बताया कि डॉक्टर पीएचसी महेन के अलावा अपने निजी क्लीनिक पर भी बैठकर मरीज देखते थे। बताया कि भलुअनी का रहने वाला पंकज सिंह इन दिनों बिहार के गोपालगंज जेल में बंद हैं। जेल में पंकज से दोस्ती हुई थी। चिकित्सक ने पंकज को छुड़ाने के लिए कुछ मदद की थी। रुपये के अभाव में पंकज की जमानत नहीं हो पा रही है। क्लीनिक पर लिखे नंबर से डॉक्टर से रंगदारी मांगी गई थी, जिससे की पंकज को छुड़ाया जा सके।
जेल में बंद अपराधी को छुड़ाने के लिए मांगी थी रंगदारी
देवरिया/बरहज। पीएचसी महेन पर आयुष चिकित्सक पद तैनात डॉक्टर एसपी गुप्ता से सात अप्रैल को बाइक सवार बदमाशों ने रंगदारी मांगी थी। पुलिस गिरफ्त में आए विवेक उर्फ पप्पू सिंह ने बताया कि बिहार के गोपालगंज जेल में बंद पंकज की रिहाई के लिए पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।
भुलअनी निवासी डॉक्टर श्रीप्रकाश गुप्ता सात अप्रैल को बाइक से पीएचसी महेन जा रहे थे। इसी बीच बढ़या फुलवरिया के समीप बाइक सवार बदमाश ने ओवरटेक कर उन्हें रोका और तमंचा सटा दिया। फोन पर चिकित्सक से बदमाश ने रंगदारी की मांग करते हुए तीन दिन में न देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। इसी बीच शुक्रवार को दोबारा चिकित्सक के फोन पर बदमाश ने रंगदारी मांगी। गिरफ्तार किए गए बदमाश विवेक सिंह उर्फ पप्पू और भरथुआ के गोविन्द यादव की ओर से मांगी गई रंगदारी के पीछे जेल में बंद पंकज सिंह को छुड़ाना था। पंकज भलुअनी थाना क्षेत्र के बढ़या फुलवरिया गांव निवासी का रहने वाला है। वह बिहार के गोपालगंज जिला जेल में 10 माह से बंद है। पकंज की रिहाई के लिए दोनों बदमाशों ने चिकित्सक को निशाने पर लिया था।
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असलहों की खरीद-फरोख्त से की थी जरायम की शुरुआत
देवरिया/बरहज। बदमाश विवेक उर्फ पप्पू सिंह और गोविंद असलहों को खरीदने-बेचने के साथ जरायम की दुनिया में कदम रखे थे। दोनों स्नातक की डिग्री हासिल कर चुके हैं। दोनों ने शौक के लिए अपराध की दुनिया में शामिल हुए। पप्पू सिंह के पिता स्व.विजय बहादुर सिंह गल्ले की दुकान चलाते थे। जबकि गोविंद के पिता का मुंबई में कपड़ा सीलने का काम करते है।