घर से गोरखपुर गए युवक का अपहरण नहीं हुआ था। जेब खर्च के लिए वह खुद ही अपहरण की झूठी कहानी रचकर पिता को ठगने का प्रयास कर रहा था। पुलिस जब सक्रिय हुई तो हकीकत सामने आई और देर रात को युवक घर पहुंच गया।
मईल थाना क्षेत्र के गहिला गांव निवासी भागीरथी का बेटा जीतेन्द्र 30 दिसंबर को गोरखपुर पासपोर्ट बनवाने की बात कहकर घर से निकला। देर रात तक वह घर नहीं पहुंचा तो परिजन परेशान हो गए। दूसरे दिन उसके भाई के मोबाइल पर एसएमएस अननोन मोबाइल नंबर से आया।
इसमें जीतेंद्र के अपहरण होने और इसके एवज में दस लाख रुपये फिरौती मांगी गई थी। धमकी भरा एसएमएस मिलने के बाद घर वाले परेशान हो गए और इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस शनिवार को अज्ञात बदमाशों पर केस दर्ज कर मामले की छानबीन में जुट गई।
सर्विलांस के जरिए पुलिस को उसकी लोकेशन बैतालपुर में मिली। लोकेशन के आधार पर बैतालुपर युवक के रिश्तेदार के घर पहुंची पुलिस को मालूम हुआ कि तीन दिन से युवक यहीं था। पुलिस की सक्रियता को देखकर देर रात को युवक घर पहुंच गया। पुलिसिया पूछताछ में युवक ने बताया कि जेब खर्च के लिए वह खुद ही अपने अपहरण की झूठी कहानी रचकर पिता से अपने बैंक अकाउंट में रुपये मंगाना चाहता था।
इस बाबत एसओ जेपी सिंह यादव ने बताया कि अपहरण की झूठी कहानी युवक खुद रची थी। उसका बयान दर्ज कर घर वालों को सुपुर्द कर दिया गया।