देवरिया। भूमि पर जबरन कब्जा करने से नाराज दंपती ने बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह की चेतावनी देते हुए धरना पर बैठ गए।
इसकी खबर मिलते ही देर शाम सदर तहसीलदार मौके पर पहुंचे और दंपती की समस्या सुनने के बाद निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद दंपती धरना खत्म कर घर चले गए।
सदर तहसील क्षेत्र के पड़ियापार गांव निवासी परमानंद सिंह अपनी पत्नी गीता देवी के साथ बृहस्पतिवार की सुबह करीब 10 बजे कलक्ट्रेट परिसर पहुंचे और न्याय नहीं मिलने पर आत्मदाह करने की चेतावनी देते हुए बैठ गए।
शाम तक जब किसी अफसर उनकी समस्या नहीं सुनी तो दंपती ने आत्मदाह की सूचना पुलिस कर्मियों को दी। इसकी जानकारी होते ही देर शाम तहसीलदार केके मिश्रा मौके पर पहुंच गए और मामले की जानकारी ली।
दंपती ने तहसीलदार को बताया कि 15 वर्ष तक मुकदमा लड़ने के बाद एसडीएम न्यायालय ने जमीन का बंटवारा किया था।
इस आधार पर प्रशासन ने कब्जा भी दिला दिया।
बाद में विरोधी पक्ष ने साक्ष्य छुपाकर कायमी दाखिल कर कोरा खारिज करा दिया और अब पुलिस की मदद से जबरन कब्जा कर रहे हैं। इसको लेकर तीन दिन पहले एसपी से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई थी।
उस दिन निर्माण रुका था लेकिन अगले दिन फिर शुरू हो गया। मामले को गंभीरता से सुनने के बाद तहसीलदार ने तत्काल निर्माण रुकवाने और समाधान दिवस पर दोनों पक्ष को थाने आकर अपनी बात कहने का मौका दिया। इसके बाद दंपती ने धरना खत्म कर दिया और घर चले गए।