सिपाही ने वीडियो कॉलिंग के बाद लगाई थी फांसी, रात में ही पहुंचे माता-पिता
रामपुर कारखाना। थाने में तैनात सिपाही पप्पू सिंह ने आत्महत्या से पहले बुधवार की शाम को करीब एक घंटे तक अपने माता-पिता व भाभी से वीडियो कॉलिंग की थी। उसने अपने परिवार के सदस्यों से अपनी परेशानियों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया था। माता- पिता उसे वीडियो काल पर देख कर घबरा गए थे और सिपाही कहता रहा कि ऐसे जीने से क्या फायदा है। घर के लोग उसे साहस बंधाते रहे लेकिन इसी बीच मृतक सिपाही के मोबाइल से नेटवर्क गायब हो गया। इस परिवार के लोग घबड़ा गए और मोबाइल पर काल करते है लेकिन फोन नहीं उठा तो माता पिता रामपुर कारखाना के लिए रात में ही निकल पड़े। जब दोनों लोग रात में पहुंचे तो पप्पू सिंह फंदे से लटका मिला। उधर, शाम को पुलिस लाइंस में सिपाही का शव पहुंचने पर शोक सलामी दी गई। एसपी सहित अन्य अधिकारियों ने कंधा दिया।
शाम को ड्यूटी से लौटने के बाद करीब 5 बजे से 6 बजे तक पप्पू सिंह ने सबसे पहले पिता के मोबाइल पर वीडियो काल कर मां से बात की। कुछ ही पल में माता और पिता दोनों एक साथ पुत्र का कुशलक्षेम पूछने लगे और बात होनी लगी तो सिपाही अपने भाभी, भतीजी को वीडियो कालिंग पर पूरे परिवार को एक साथ ग्रुप कालिंग में जोड़ कर बात करने लगा। बात ही बात में अपने पत्नी के बारे में चर्चा शुरू करते हुए रो पड़ा। पत्नी से अपने संबंध की चर्चा करते रोते बिलखते हुए कहने लगा कि मुझे जीना नही है, मर जाना अच्छा है। इसी बीच सिपाही के मोबाइल फोंस से बात कट गई और घर के लोग फोन मिलाने लगे लेकिन फोन नहीं मिला। इससे घबड़ाए पिता रघुपति सिंह और मां सरोज देवी निजी वाहन से रामपुर कारखाना के लिए निकल पड़े। करीब 10.15 बजे रामपुर कारखाना पहुंच गए। जहां किराए के कमरे पर पहुंचे तो फाटक के सुराग के रास्ते देखा तो बेटे पंखे की कुंडी के सहारे लटक रहा था। यह दोनों दहाड़े मार कर रोने लगे। माता और पिता का आरोप है कि पत्नी के कलह करने के कारण पुत्र ने आत्महत्या कर ली है।
पत्नी का मोबाइल मिला बंद
पिता के अनुसार रात में जब सिपाही का फोन नही उठा तो घर के लोग पत्नी राधा के मोबाइल पर काल किए तो स्वीच आफ था। बृहस्पतिवार को भी मोबाइल बंद था लेकिन दोपहर में वह पोस्टमार्टम हाउस पर अपने मायके वालों के साथ पहुंची। पति के मरने के गम में डूबी राधा से ससुराल के लोग नाराज दिखे, इसके कारण दोनों पक्ष एक साथ खड़ा नहीं दिखे। पप्पू सिंह की शादी दिसंबर 2019 में गोरखपुर के फर्टिलाइजर कालोनी में हुई थी। पत्नी तीन दिन पहले रामपुर कारखाना से अपने मायके गई थी। वह स्थानीय कस्बा स्थित एक कस्बे के एक पब्लिक स्कूल में पढ़ाती है।
टूट गई बुढ़ापे की लाठी
संतकबीर नगर जनपद के जसवी देवघटा गांव का पप्पू सिंह वर्ष 2015 में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। प्रशिक्षण के बाद पहली पोस्टिंग के जनपद के मदनपुर थाना क्षेत्र में तैनाती हुई थी। उसके बाद पुलिस लाइन में हुई थी। इसके बाद रामपुर कारखाना में हुई । जनवरी माह से ही परिवार ने के साथ रामपुर कारखाना में रहता थे। तीन भाइयों में सबसे छोटा पप्पू थे। बड़े भाई राजेश सिंह दिल्ली में नौकरी करते हैं। जबकि राकेश सिंह मुंबई में बस चालक हैं। सिपाही पुत्र के मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया था। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे घर के लोगों का रो -रो कर बुरा हाल हो गया था।
जब भड़क गए थानेदार
रामपुर कारखाना। सिपाही की मौत के बाद जब माता पिता पुलिस के पहुंचने के करीब आधा घंटा बाद मौके पर पहुंचे तो एसओ गोपाल राजभर का पारा मकान मालिक पर चढ़ गया। उनको लगा कि मकान मालिक ने पुलिस को सूचना देने से पहले मृतक के घर के लोगों को दे दी है। पर सच तो यह रहा कि वीडियो कालिंग के बाद अनहोनी घटना का शक माता और पिता को हो गया था और रामपुर कारखाना के लिए निकल पड़े थे।
नम हो गईं एसपी समेत पुलिसकर्मियों की आंखें
रामपुर कारखाना थाने में तैनात सिपाही पप्पू सिंह के शव पुलिस लाइन में रखा गया। जहां पर शोक सलामी देने के के बाद पुलिस अधीक्षक डा.श्रीपति मिश्र और अपर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने कंधा दिया। सीओ निष्ठा उपाध्याय सहित अन्य ने शव पर पुष्पाजंलि अर्पित किया। उधर, एसपी ने कहा कि सिपाही ने आत्महत्या की है। पत्नी के साथ विवाद होना बताया जा रहा है। अभी किसी ने तहरीर नहीं दी है। मामले की जांच की जा रही है।