पंचायत चुनाव नजदीक आते ही बढ़ने लगीं शिकायतें
देवरिया। महिला संबंधी अपराधों में तत्काल केस दर्ज कर कार्रवाई करने का शासन के आदेश का लोग फायदा उठाने में जुट गए हैं। एसपी कार्यालय पर शायद ही कोई ऐसा दिन हो कि तीन से चार लोग दुष्कर्म एवं छेड़खानी का आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र लेकर लाइन में न खड़े हों।
गैंगरेप एवं दुष्कर्म के मामले में सीओ और छेड़खानी के मामले में उप निरीक्षक जांच कर रहे हैं। अधिकतर मामले आपसी विवाद एवं वर्चस्व के ही पाए जा रहे हैं। रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र में एक महिला को ऐसा करने पर पुलिस ने कुछ दिनों पूर्व जेल भेज दिया था। उसके बावजूद ऐसी घटनाएं थम नहीं रही हैं। लोों का कहना है कि इसके चलते वास्तविक घटनाओं को पुलिस दबा दे रही है।
शासन ने महिला संबंधी अपराधों में सख्त निर्देश दिया है। तभी से शातिर किस्म के लोग विरोधियों को सबक सिखाने में जुट गए हैं। कुछ लोग तो प्लानिंग कर ऐसी महिलाओं से दुष्कर्म एवं गैंगरेप का आरोप लगवाने लगे हैं। मुठ्ठी भर लोगों की वजह से थानों पर वास्तव में पीड़ित महिलाओं की सुनवाई बंद हो गई है। कारण थानाध्यक्षों को ऐसा लगता है कि हर मामला फर्जी ही होगा। पंचायत चुनाव नजदीक जैसे-जैसे आ रहा है, ऐसे आरोपों की बाढ़ सी आ गई है।
भागलपुर ब्लॉक के तेलिया अफगान गांव के ग्राम प्रधान पर एक महिला ने आरोप लगाया कि उसके साथ छेड़खानी हुई। जांच में पता चला कि पिछली बार भी इसी महिला ने पंचायत चुनाव के दौरान छेड़खानी का आरोप लगाया था। फिर चुनाव आया तो आरोप लगाने एसपी कार्यालय पहुंच गई। यह तो सिर्फ बानगी भर है। हाल ही में कोतवाली थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी ने तीन युवकों पर गैंगरेप का आरोप लगाया था। जांच में पता चला कि जिस पर किशोरी आरोप लगा रही है, वह उसका प्रेमी है। खैर! पुलिस ने छेड़छाड़ का केस दर्ज कर लिया। इस मामले का एक वीडियो भी वायरल हुआ है। गौरीबाजार, रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र में भी ऐसे मामले सामने आए हैं।
एक सप्ताह में आईं 50 शिकायतें
शिकायतों पर गौर करें तो एक सप्ताह के अंदर गैंगरेप, दुष्कर्म और छेड़खानी की 50 से अधिक शिकायतें आई है। इसमें कितनी शिकायतें झूठी पाई गई और कितनी सही यह अभी प्रकाश में नहीं आया है। उदाहरण के तौर पर, भटनी थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने आरोप लगाया कि बुधवार की रात वह सो रही थीं। कुछ लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। थाने पर रात में तहरीर दी गई तो सुनवाई नहीं हुई।
बृहस्पतिवार को एसपी से मिलकर कार्रवाई की मांग की। कोतवाली थाना क्षेत्र के एक गांव में 11 नवंबर की रात किशोरी के साथ रात में गैंगरेप का आरोप लगाते हुए उसके पिता ने कोतवाली में तहरीर दी। सत्ताधारी दल के एक नेता की पैरवी पर 13 नवंबर की रात कोतवाली पुलिस ने बीडीसी सदस्य समेत दो लोगों पर छेड़खानी व पाक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को जेल भेज दिया। भलुअनी थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी 12 नंवबर की शाम शौच करने गई थी तभी गांव का युवक छेड़खानी करने लगा। विरोध करने पीटने लगा। शोर सुनकर ग्रामीणों को आता देख भाग चला। पिता ने थाने पर तहरीर दी। सुनवाई नहीं हुई तो एसपी से दो बार मिलकर गुहार लगाई।
एकौना थाना क्षेत्र में 14 नवंबर की शाम खेत में कार्य कर रही महिला से गांव के एक व्यक्ति छेड़खानी की। शोर करने पर आसपास के किसान आए तो भाग चला। थाने पर तहरीर दी। सुनवाई नहीं हुई तो मंगलवार को एसपी से गुहार लगाई। रामपुर कारखाना थाना में एक गांव में 13 नवंबर की रात घर में सो रही किशोरी के साथ गांव का युवक छेड़खानी करने लगा। शोर मचाने पर युवक भाग चला। पुलिस का कहना है कि भूमि विवाद में मारपीट का मामला सामने आया। यह तो सिर्फ बानगी भर है। आए दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। जिसमें से अधिकतर फर्जी पाएं जा रहे हैं।
ऐसा प्रकरण संज्ञान में आते ही गंभीर मामलों में सीओ एवं हल्के आरोपों में उप निरीक्षक से मामले की जांच कराई जा रही है। कई मामले फर्जी एवं विरोधियों को फंसाने के लिए बढ़ा चढ़ाकर आरोप लगाया जाना पाएं गए है। आरोप सही पाएं जाने पर केस दर्ज कर त्वरित कार्रवाई हो रही है। -डॉ. श्रीपति मिश्र, एसपी