मईल। लोहिया आवास देने के नाम पर घूस मांगने की बात सीडीओ के निरीक्षण में सामने आई तो वे दंग रह गई। गांव की महिलाओं की पूरी बात सुनने के बाद सीडीओ ने नाराजगी जताया और तीन दिन के अंदर लोहिया आवास का निर्माण नहीं होने की रिपोर्ट जिला विकास अधिकारी से मांगा। इसके अलावा गांव में घूमकर लोगों को खुले में शौच नहीं करने के लिए अफसरों ने जागरूक किया।
सीडीओ यशु रूस्तगी शुक्रवार को सुबह करीब 7.30 बजे वर्ष 2015-16 में लोहिया गांव में चयनित कल्यानी पहुंची। गांव में भ्रमण के दौरान गांव में एक भी लोहिया आवास नहीं मिला तो वह गांव की महिलाओं से इसका कारण पूछी। महिलाओं ने ग्राम पंचायत अधिकारी और तत्कालीन बीडीओ पर लोहिया आवास देने के लिए 20 से 50 हजार रुपये कमीशन मांगने का आरोप लगाया।
यह सुनकर सीडीओ झल्ला गई और मातहतों का फटकार लगाई। उन्होंने जिला विकास अधिकारी मंशाराम यादव से पूछा तो मालूम हुआ कि 23 लोहिया आवास के लिए धन स्वीकृत हो गया है। लेकिन आज तक बना नहीं है। सीडीओ ने जिला विकास अधिकारी से धन होने के बाद भी लोहिया आवास नहीं बनने का कारण स्पष्ट करते हुए तीन दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी है।
इसके अलावा गांव वालों ने प्राथमिक विद्यालय पर जाने के लिए रास्ता नहीं होने की शिकायत किया। गांव में घूमकर सीडीओ ने लोगों को ज्यादा से ज्यादा शौचालय का प्रयोग करने की बात कही। वहीं गांव में बने 34 शौचालयों की गुणवत्ता देखा। इसमें अधिकांश शौचालय मानक के अनुसार नहीं बने थे। इस दौरान बीडीओ रतन प्रकाश चौधरी, प्रधान संजय सिंह, बालानंद मौजूद रहे।