देवरिया। जिले में शनिवार को हल्की पछुआ हवा के साथ शीतलहर का कहर जारी रहा। दिनभर घने कोहरे और सर्द हवाओं के बीच लोग ठिठुरते नजर आए। दोपहर बाद कुछ पलों के लिए ही सूर्य देव के दर्शन हुए, लेकिन ठंड से कोई खास राहत नहीं मिली। बीते चार दिनों से लगातार गिरते तापमान और सर्द हवाओं के कारण लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं।
सड़क किनारे, फुटपाथों और खुले स्थानों पर जीवन यापन करने वाले गरीब, बेसहारा और कमजोर तबके के लोगों के पास न तो पर्याप्त गर्म कपड़े हैं और न ही ठंड से बचाव के पुख्ता इंतजाम। मजबूरी में लोग अपने स्तर से लकड़ी, कूड़ा-कचरा या पुराने सामान जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। नगर पालिका की ओर से अलाव की लकड़ी के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, इसके बावजूद कई स्थानों पर कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आ रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी शीतलहर ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। तापमान में लगातार गिरावट के चलते शाम ढलते ही बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। सबसे अधिक परेशानी चट्टी-चौराहों पर रहने और काम करने वाले लोगों को हो रही है। जिले के कई हिस्सों में सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था न होने से लोग मजबूरी में कूड़ा-कचरा और प्लास्टिक जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं।
हालांकि सलेमपुर में नगर पंचायत प्रशासन की ओर से नगर क्षेत्र के करीब 15 प्रमुख स्थानों पर अलाव जलवाने की व्यवस्था की गई है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिल रही है। ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए आमजन ने प्रशासन से अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था और मजबूत किए जाने की मांग की है।